छत्तीसगढ़ः सामाजिक कार्यकर्ता को गोली मारी

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Image caption रमेश अगरवाल को पिछले वर्ष विरोध के कारण अस्पताल में भी बेड़ियों में रखा गया था (फ़ाइल)

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ ज़िले में अज्ञात हमलावरों नें सामाजिक कार्यकर्ता रमेश अगरवाल को गोली मार कर घायल कर दिया है.

पुलिस का कहना है कि अगरवाल इतवारी बाज़ार स्थित अपने कार्यालय में थे जब मोटर साईकिल सवार दो अज्ञात व्यक्ति जबरन वहाँ घुस गए.

हमलावरों ने अगरवाल पर सीधे निशाना साधा. उन्होंने बचने की कोशिश की तो गोली उनकी जाँघ में लगी.

अगरवाल को रायगढ़ के अस्पताल में भरती कराया गया है जहाँ डाक्टर उनके पैर में लगी गोली निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

रमेश अगरवाल एक लंबे अरसे से पर्यावरण के संरक्षण और प्रदोषण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. हाल ही में उन्होंने खनन में लगी कंपनियों द्वारा किये जा रहे जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ भी अभियान चला रखा था.

चूँकि रमेश अगरवाल और उनके सहयोगी ज़मीन अधिग्रहण का विरोध करते आ रहे हैं इस लिए उनके खिलाफ कुछ कंपनियों नें मामले भी दर्ज कर रखे हैं. इसी तरह के एक मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था.

उनके जेल जाने के मामले ने तूल इस लिए पकड़ लिया था क्योंकि उन्हें अस्पताल में भी बेड़ियों से जकड कर रखा गया था. बाद में उन्हें ज़मानत मिली थी.

अगरवाल के सहयोगियों का कहना है कि उन्हें इस तरह के हमले की आशंका पहले से ही थी. उनका कहना है कि उन्होंने इस बात की आशंका पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारियों के सामने भी व्यक्त की थी.

अगरवाल के सहयोगियों का कहना है कि उन्हें हमेशा से यह दर बना रहता था कि कई कंपनियों ने अपने यहाँ आसामाजिक तत्वों को बहाल कर रखा है.

उनका आरोप है कि यह असामाजिक तत्त्व उन लोगों को डराने धमकाने का काम करते हैं जो ज़मीन नहीं देना चाहते या जबरन अधिग्रहण के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं.

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