मनमोहन के बाद राहुल के बहाने साधे निशाने

मनमोहन सिंह इमेज कॉपीरइट time.com
Image caption टाइम पत्रिका ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को द अंडरअचीवर की संज्ञा दी है

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भले में राजनीतिक दिक्कतों में फंसे अपने मंत्रियों पर मौन साध लेते हों लेकिन टाइम पत्रिका द्वारा फिसड्डी करार दिए जाने पर उनके मंत्री उनके पक्ष में मैदान में उतर आए हैं.

गृह मंत्री पी चिदम्बरम ने प्रधानमंत्री का एक बार फिर बचाव करते हुए देश की अर्थव्यवस्था जल्द ही पटरी पर लौट आने की उम्मीद जगाते हुए मनमोहन सिंह की योग्यता पर उठ रहे सवालों का जबाव देने की कोशिश की है.

चिदम्बरम ने संवाददाताओं से कहा, ''मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री कम वित्त मंत्री मनमोहन सिंह राजस्व जुटाने और खर्चों पर लगाम के लिए कई कदम उठा रहे हैं. गैर-योजनागत खर्चों पर हम पहले ही रोक लगा चुके हैं, इससे मदद मिलेगी.''

सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी और प्रवासी मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने भी एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री का बचाव किया था.

व्यालार रवि ने तो टाइम पत्रिका के इस लेख का संबंध वोडाफोन मामले से जोड़ते हुए इसे भारत में निवेश को प्रभावित करने की साजिश बताया था.

राहुल के बहाने साधे निशाने

वहीं कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के बारे में अपनी कथित विवादित टिप्पणी के संदर्भ में कानून मंत्री सलमान खुर्शीद भी बचाव की मुद्रा में नजर आए.

उन्होंने कहा, ''मैंने कभी नहीं कहा कि पार्टी दिशाहीन है और यदि मैं ऐसा कह रहा हूं तो मैं खुद को ही दोष दे रहा हूं. मीडिया यदि ये बात नहीं समझ रहा है या उस बात का महत्व नहीं समझना चाहती जो मैंने कही है तो बेहतर होगा कि इन सब पर पार्टी के भीतर ही चर्चा की जाए.''

खुर्शीद ने कथित तौर पर कहा था कि राहुल गांधी की ओर से वैचारिक दिशा नहीं मिलने की वजह से पार्टी को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

इस पूरे प्रकरण पर भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ''भविष्य के नेता के तौर पर राहुल गांधी के पास कोई स्पष्ट सोच नहीं है जिसकी पुष्टि सरकार के ही एक वरिष्ठ मंत्री कर रहे हैं तो मैं कांग्रेस को बस गुडलक कह सकता हूं.''

भाजपा इस बहाने सोनिया गांधी पर भी निशाना साधने से नहीं चूकी. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि खुर्शीद की ये टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की कार्यप्रणाली पर भी लागू होती है.

सरकार को बाहर से समर्थन देने वाली समाजवादी पार्टी ने भी इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया.

पार्टी नेता शाहिद सिद्दीकी ने कहा कि सलमान खुर्शीद न चाहते हुए भी सच बोल गए.

उन्होंने कहा, ''बहुत पहले से ही ये स्पष्ट था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने की हसरत पाल सकते हैं लेकिन उनमें नेतृत्व वाली वो बात नहीं है. उनमें इंदिरा गांधी या राजीव गांधी जैसी वैचारिक बात नहीं है.''

संबंधित समाचार