मारुति के मानेसर प्लांट में झड़प, एक मौत

 गुरुवार, 19 जुलाई, 2012 को 02:24 IST तक के समाचार
मारुति मज़दूरों की हड़ताल (फाइल फोटो)

मारुति के मानेसर प्लांट मे लगातार मज़दूरों और प्रबंधन के बीच तनाव रहा है

हरियाणा के मानेसर में मारुति सुजुकी के प्लांट में देर शाम मज़दूरों और प्रबंधकों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 40 लोग घायल हुए हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने गुड़गांव के पुलिस आयुक्त केके सिंधु के हवाले से ख़बर दी है कि एक व्यक्ति की मौत जलने से हुई है.

एक बयान जारी कर कंपनी ने कहा है कि हिंसा तब शुरु हुई जब एक मज़दूर ने एक सुपरवाइज़र के साथ मार पीट की.

हालांकि मज़दूर संघ का कहना है कि सुपरवाइज़र की ‘आपत्तिजनक टिप्पणियों’ के कारण लड़ाई शुरु हुई थी.

कंपनी का कहना था कि ‘‘ हिंसा के बाद मानेसर प्लांट में काम रोक दिया गया है.’’

कंपनी का बयान

"कामगार हिंसक हो गए थे और उन्होंने प्रबंधकों और वरिष्ठ अधिकारियों पर हमला किया और तोड़ फोड़ की है. कम से कम 40 अधिकारी घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.मज़दूरों ने आग लगाई जिसमें काफी नुकसान हुआ है"

मारुति कंपनी ने कहा, ‘‘ कामगार हिंसक हो गए थे और उन्होंने प्रबंधकों और वरिष्ठ अधिकारियों पर हमला किया और तोड़ फोड़ की है. कम से कम 40 अधिकारी घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.मज़दूरों ने आग लगाई जिसमें काफी नुकसान हुआ है.’’

कंपनी के अनुसार सुबह एक मज़दूर ने एक सुपरवाइज़र के साथ मारपीट की जिसके बाद मज़दूर संघ ने प्रबंधन को मज़दूर के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से रोका.

कंपनी के बयान के अनुसार इसके बाद शाम में मज़दूरों ने शाम के समय अधिकारियों को कंपनी से बाहर निकलने नहीं दिया.

कंपनी का दावा है कि उसने मामले को सुलझाने की कोशिश की लेकिन बातचीत के दौरान ही मज़दूरों ने कथित रुप से हमला कर दिया.

हालांकि मारुति सुज़ुकी वर्कर्स यूनियन के महासचिव सरबजीत सिंह ने कहा है कि ‘‘ सुपरवाइज़र ने एक स्थायी कर्मचारी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी की और यह कर्मचारी दलित समुदाय का है. जब हमने आपत्ति की तो उस मज़दूर को निलंबित कर दिया गया.’’

सरबजीत के अनुसार इस मुद्दे को लेकर फैक्ट्री में तनाव व्याप्त है और सुबह की पाली में काम करने वाले 1500 मज़दूर परिसर के बाहर नहीं गए है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुडडा ने कहा है कि दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

मानेसर संयंत्र में मज़दूरों का विद्रोह कोई नई बात नहीं है. फैक्ट्री में इस वर्ष इस तरह की यह तीसरी घटना है जिससे कंपनी को करीब 83000 यूनिटों का नुकसान हो चुका है.

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