राष्ट्रपति चुनावों की मतगणना, प्रणब की जीत 'पक्की'

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Image caption राष्ट्रपति भवन के लिए इस बार प्रणब मुखर्जी को चुनौती दे रहे हैं पीए संगमा

भारत के 14वें राष्ट्रपति के लिए हुए चुनावों की मतगणना जारी है, जिसमें संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी की जीत पक्की मानी जा रही है.

19 जुलाई को हुए मतदान की मतगणना और जीतने वाले उम्मीदवार के नाम की घोषणा भी रविवार को हो जाएगी.

तृणमूल कांग्रेस और यूपीए के अन्य घटक दलों के समर्थन से प्रणब मुखर्जी का जीतना लगभग तय माना जा रहा है. मुखर्जी भारत के 14वें राष्ट्रपति होंगे.

भारत के पूर्व राष्ट्रपतियों पर एक नज़र

हालांकि प्रणब मुखर्जी से पहले 12 ही और राष्ट्रपति हुए हैं यानि कि वो 13 वें राष्ट्रपति होंगे लेकिन अगर कार्यकाल को देखा जाए तो राजेंद्र प्रसाद दो बार राष्ट्रपति बने थे इसलिए प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 14वें राष्ट्रपति का माना जाएगा.

यूपीए का दावा है कि प्रणब के समर्थन में 70 प्रतिशत से अधिक मत पड़े हैं जबकि उन्हें चुनौती दे रहे पीए संगमा को बहुत कम वोट मिले हैं.

वोट ख़ारिज

राजधानी दिल्ली में रविवार की सुबह 11 बजे से वोटों की गिनती का काम शुरु हुआ और दोपहर तक परिणाम आने की उम्मीद है. राष्ट्रपति चुनावों के लिए सारी मतपेटियां दिल्ली लाए जाने का नियम शुरु से ही रहा है.

अभी तक सिर्फ मुलायम सिंह यादव के वोट को अवैध माना गया है क्योंकि उन्होंने पहले पीए संगमा और फिर प्रणब मुखर्जी को वोट दिया था. उनका वोट इस आधार पर खारिज किया गया कि उन्होंने इसे गुप्त नहीं रखा.

गुजरात से बीजेपी के एक विधायक ने प्रणब मुखर्जी के समर्थन में यह कहते हुए वोट दिया था कि वो नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से नाराज़ हैं.

मतगणना में जो भी राष्ट्रपति चुना जाएगा उसे 25 जुलाई को पद की शपथ दिलाई जाएगी.

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