असम में हिंसा और फैली, 25 की मौत

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Image caption असम में हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही

असम के कोकराझाड़ इलाक़े की हिंसा और फैल गई है. मंगलवार को हिंसा बोंगई गाँव जिले में भी फैल गई.

उधर कोकराझाड़ में पुलिस की गोली से चार लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

इसके साथ ही हिंसा में मरने वालों की संख्या 25 हो गई है.

कोकराझाड़ के हिंसाग्रस्त इलाकों में प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे रखे हैं और अनिश्चित काल का कर्फ़्यू जारी है. जबकि चिरांग और ढ़ु्ब्री जिले में रात का कर्फ्यू लगाया गया है.

इस हिंसा की वजह से वहां से हज़ारों की संख्या में लोग अपना घर-बार छोड़कर भागना पड़ा है.

हिंसा से प्रभावित जिलों के लोगों के लिए 64 शरणार्थी कैंप खोले गए हैं जिसमें करीब 64 हज़ार लोग रह रहे हैं. इन शरणार्थियों में बोडो और मुसलमान दोनों शामिल हैं.

क्या है हिंसा की वजह

गुरुवार को कोकराझाड़ ज़िले में मुस्लिम समुदाय के दो छात्र नेताओं पर अज्ञात लोगों ने गोली चलाई. जवाबी हमले में बोडो लिबरेशन टाइगर्स संगठन के चार पूर्व सदस्य मारे गए.

इसके बाद हिंसा फैल गई.

जानकार लोग बता रहे हैं कि ये घटना हिंसा भड़कने का करण भर बनी है, वरना तनाव की वजह दूसरी हैं और तनाव लंबे समय से इस इलाक़े में पनप रहा था.

राजधानी एक्सप्रेस पर भी हमला

राज्य के मुख्यमंत्री तरुण गगोई ने अपने वरिष्ठ मंत्री नीलमणि सेन डेका और पृथ्वी मांझी को कोकराझाड़ जाने का निर्देश दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बुधवार को इस समस्या के समाधान के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी उन क्षेत्रों का दौरा करेगा.

दूसरी तरफ नोर्थ इस्ट फ्रंटियर रेलवे के हवाले से कहा गया है कि हिंसा से प्रभावित कोकराझाड़ जिले के गोसाईगांव में गुवाहाटी राजधानी एक्सप्रेस पर भी कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया.

इस हमले से ट्रेन के चार बोगी को नुकसान पहुंचा है लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

असम में चल रहे जातीय हिंसा के कारण रेल यातायात में काफी बाधा पहुंची है.

हिंसा के चलते असम से आने-जाने वाली कई ट्रेनों को कामाख्यागुड़ी रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया है.

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