कांग्रेस और एनसीपी के बीच तकरार खत्म

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Image caption रिपोर्टों के मुताबिक शरद पवार चाहते थे कि उन्हें कैबिनेट में प्रधानमंत्री के बाद सबसे वरिष्ठ मंत्री का दर्जा मिले

कांग्रेस और एनसीपी के बीच चल रही तकरार खत्म हो गई. दोनों पक्षों ने फैसला किया कि आपसी असहमतियाँ दूर करने के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया जाएगा.

गौरतलब है कि मीडिया में ऐसी रिपोर्टें छपीं थीं कि एनसीपी ने सरकार ने बाहर जाने की धमकी दी थी.

बुधवार शाम को शरद पवार ने प्रधानमंत्री और सोनिया गाँधी से मुलाकात की जिसके बाद समिति बनाने पर सहमति बनी.

इस बैठक में शरद पवार के साथ उनके सहयोगी और सरकार में मंत्री प्रफुल्ल पटेल भी शामिल थे.

रिपोर्टों के मुताबिक एनसीपी की ओर से दोनो दलों के बीच समन्वय की कमी का मुद्दा उठाया गया.

करीब घंटे भर चली बैठक के बाद प्रफुल्ल पटेल ने कहा, “पिछले दिनों जो भी विवाद था वो खत्म हो गया है.”

बैठक के बाद जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि बेहतर समन्वय के लिए दोनो पक्ष महीने में एक बार मुलाकात करेंगे और नीतिगत मुद्दों के अलावा दूसरे विषयों पर भी चर्चा करेंगे.

सोनिया गाँधी इस समिति की अध्यक्ष होंगी.

एक ऐसी ही समिति महाराष्ट्र में बनेगी जहाँ दोनो दल मिली-जुली सरकार चला रहे हैं. इस समिति में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, उप-प्रधानमंत्री अजीत पवार और दोनों पार्टियों के राष्ट्रीय सदस्य शामिल होंगे.

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि वो और शरद पवार अपने दफ्तर जाना शुरू कर देंगे और सरकार में प्रभावकारी तरीके से काम करेंगे.

उन्होंने कहा कि एनसीपी 2014 तक यूपीए सरकार का हिस्सा रहेगी.

पार्टी इस बात से इंकार करती रही है कि झगड़ा सरकार में शरद पवार को दूसरा सबसे वरिष्ठ मंत्री बनाए जाने को लेकर है.

पटेल ने इस बात से भी इंकार किया कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र के नेतृत्व में बदलाव चाहती है.

उन्होंने इंकार किया कि पार्टी को मुख्यमंत्री के काम करने के तरीके से शिकायत है.

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