अस्सी फ़ीसद से ज़्यादा इलाक़ों में बिजली बहाल

 बुधवार, 1 अगस्त, 2012 को 00:22 IST तक के समाचार
बिजली

बिजली जाने से शहरी रेलें भी ठप हो गईं

मंगलवार की दोपहर उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर ग्रिड के फेल हो जाने के कारण आधे से भी ज्यादा देश की बिजली गुल हो गई. उत्तरी ग्रिड पिछले 24 घंटे में दूसरी बार ठप हुआ था.

लेकिन आठ-नौ घंटों के बाद हालात में कुछ सुधार होने लगा और धीरे-धीरे राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में बिजली बहाल होने लगी.

पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के मुताबिक़ मंगलवार को रात नौ बजे तक हालात पर बहुत हद तक क़ाबू पा लिया गया था.

पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के अनुसार रात के 1130 बजे तक उत्तरी ग्रिड में 86 फीसदी तक बिजली सप्लाई होने लगी थी जबकि पूर्वी ग्रिड के 79 फीसदी हिस्सों में बिजली की सप्लाई शुरू हो गई थी.

कॉरपोरेशन के अनुसार शाम साढ़े आठ बजे तक पूर्वोत्तर ग्रिड में 100 फीसदी और दिल्ली में 90 फीसदी बिजली की सप्लाई होने लगी थी.

संकट की शुरूआत

मंगलवार को दोपहर एक बजकर 10 मिनट के क़रीब उत्तरी ग्रिड के फ़ेल हो जाने के कारण संकट शुरु हुआ. उस समय दिल्ली की मांग चार हज़ार मेगा वाट के क़रीब थी लेकिन पौने दो बजे उसे सिर्फ़ 38 मेगा वाट की ही सप्लाई मिल रही थी.

उत्तरी ग्रिड के फेल होने का असर दिल्ली सहित पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पर पड़ा. इन राज्यों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई थी.

उसके बाद पूर्वी ग्रिड के भी फ़ेल होने की भी ख़बर आई. ग्रिड के फ़ेल होने के कारण कई घंटे तक पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों, उड़ीसा, झारखंड और बिहार पर भी बुरा असर पड़ा.

इन दोनों ग्रिड के फ़ेल होने के कुछ समय बाद ही नॉर्थ-ईस्ट ग्रिड भी फ़ेल हो गया था जिसका असर असम, मेघालय, नागालैंड,मणिपुर,मिजोरम और त्रिपुरा में लोगों के जीवन पर पड़ा.

इन सबके कारण एक समय ऐसा था जब देश के 19 राज्यों में बिजली नहीं थी और इससे लगभग 60 करोड़ लोग अंधेरे में रह रहे थे.

उत्तरी ग्रिड में ख़राबी के चलते उत्तर भारत के कई इलाक़ों में रविवार को भी देर रात तक बिजली ठप रही थी.

दिल्ली में बिजली की स्थिति सामान्य

सुशील कुमार शिंदे ने बताया कि राजधानी दिल्ली को भी शाम पांच बजे तक तक़रीबन 50 प्रतिशत यानि 2000 मेगा वॉट की सप्लाई शुरु हो गई थी. देर शाम लगभग सभी जगहों की बिजली बहाल हो गई.

दिल्ली में बिजली आपूर्ति ठप होने के साथ ही मेट्रो की सेवाएं रोक देनी पड़ीं थी.

बिजली बंद होने के बाद रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते लोग

बिजली बंद होने के बाद रेलवे यात्रियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा

दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता अनुज दयाल ने बीबीसी को बताया कि बिजली जाने के 10-15 मिनट बाद सभी सेवाएं रोक दी गईं. यात्रियों के बाहर निकाला गया और नए यात्रियों के स्टेशनों में प्रवेश को रोक दिया गया.

हालांकि साढ़े तीन बजे तक कई लाइनों पर सेवाएं फिर से शुरु कर दी गईं थीं और शाम तक ये सेवा सामान्य हो गई थी.

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रेल सेवा बहाल

बिजली की स्थिति ठीक हो जाने के बाद रेल सेवा भी बहाल हो गई है.

पीटीआई के मुताबिक गाजियाबाद और मुगलसराय रेलवे डिवीजन के बीच क़रीब 125 ट्रेने रुकी हुई थीं लेकिन अब सभी गाड़ियां चलने लगी हैं.

रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि ग्रिड के फेल होने का असर रेलवे पर पड़ा. संकट शुरु होने के साथ ही क्षेत्रीय अधिकारियों ने इंजीनियरों के साथ मिल का रेलवे के अपने बैकअप को सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया. इसके अलावा हरियाणा से बिजली मिलने के कारण दिल्ली-आगरा-मुंबई रेल मार्ग को बहाल कर दिया गया.

उत्तरी ग्रिड में खराबी के चलते उत्तर भारत के कई इलाकों में रविवार देर रात तक बिजली ठप रही थी.

पश्चिम बंगाल: खदान में फंसे मज़दूर सुरक्षित बाहर निकाले गए

बीबीसी के पश्चिम बंगाल संवाददाता अमिताभ भट्टासाली के अनुसार बर्धमान जिले के आसनसोल में कम से कम चार कोयला खदानों में फंसे दो सौ से अधिक मज़दूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है.

इसके अलावा प्रदेश में ठप पड़ी रेल सेवा भी बहाल हो गई है. कहा जा सकता है कि आधे से अधिक जगहों पर बिजली बहाल हो गई है. राजधानी कोलकाता में तो वैसे भी ज़्यादा समस्या नहीं थी. दूसरें ज़िलों में धीरे-धीरे बिजली बहाल होने लगी है.

कोलकाता मेट्रो ट्रेन पर कोई असर नहीं पड़ा था क्योंकि उसकी बिजली आपूर्ति कोलकाता पॉवर कॉर्पोरेशन से होती है, पॉवर ग्रिड से नहीं.

लेकिन रेल सेवा पर काफ़ी असर पड़ा था.सोमवार को पॉवर ग्रिड बंद होने का असर अभी भी ट्रेनों पर खत्म नहीं हुआ था कि एक बार फिर ट्रेनें रुक गई थीं.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आदेश दिए थे कि जहाँ भी संभव हो डीज़ल इंजिन लगाकर ट्रेनों को स्टेशनों तक पहुँचाने की व्यवस्था की जाए.

इससे पहले इस संकट को देखते हुए ममता बनर्जी ने सभी सरकारी दफ़्तर जल्दी बंद करके कर्मचारियों को घर जाने का आदेश जारी कर दिए थे.

बिहार में भी बिजली आई

रेल स्टेशनों पर फँसे लोग

उत्तरी और पूर्वी भारत में लोग स्टेशनों पर ट्रेनों का इंतज़ार कर रहे हैं

बीबीसी के बिहार संवाददाता मणिकांत ठाकुर के अनुसार मंगलवार की शाम 10 बजे तक राज्य के कई इलाक़ों में बिजली बहाल हो गई थी. बिजली बहाल होने से ठप पड़ी रेल सेवा भी धीरे-धीरे शुरू होने लगी.

देर शाम तक क़रीब 30 यात्री और 50 मालगाड़ियां प्रभावित हुई थीं लेकिन 10 बजे के बाद ट्रेनें चलने लगीं थीं. धनबाद, दानापुर और मुगलसराय डिवीजन में हालात सबसे ज्यादा खराब थे.

पटना शहर में एकाएक जेनेरेटरों का शोर बढ़ गया था और पेट्रोल पंपों पर डीज़ल की कमी हो गई थी.

दूसरे शहरों में भी अमूमन इसी तरह की स्थिति बन गई थीं.

राजस्थान-उत्तर प्रदेश में धीरे-धीरे बहाली

पॉवर ग्रिड

पॉवर ग्रिड में सोमवार को आई खराबी के बाद जाँच की घोषणा की गई है

राजस्थान से नारायण बारेठ ने ख़बर दी है कि पॉवर ग्रिड बंद होते ही प्रदेश के सभी 22 बिजली घरों में उत्पादन बंद हो गए थे लेकिन अब कुछ बिजली घरों को छोड़कर बाक़ी में उत्पादन शुरू हो गया है.

ढाई तीन लाख औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन प्रभावित हुआ था और अस्पतालों में कामकाज प्रभावित हुआ था लेकिन अब सभी जगह हालात सामान्य हो गए हैं.

शाम चार बजे तक जयपुर में बिजली आ गई थी और उसके बाद संभागीय मुख्यालयों, जैसे जोधपुर, बिकानेर आदि में भी बिजली बहाल हो गई.

पूरे प्रदेश में पानी की आपूर्ति भी होने लगी है.

चूंकि राज्य में रेल मार्गों का विद्युतीकरण बाक़ी प्रदेशों की तुलना में कम है इसलिए यहाँ रेल यातायात बिहार और उत्तर प्रदेश की तरह प्रभावित नहीं हुआ था.

बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी के अनुसार पॉवर ग्रिड फेल होने के तीन घंटे बाद अब लखनऊ के कुछ हिस्सों में बिजली आ गई थी.

उनका कहना है कि ट्रेनों के लिए भी धीरे-धीरे बिजली दी जा रही है और रेल सेवा भी बहाल हो गई है.

एनटीपीसी के सिंगरौली और ऊँचाहार स्टेशनों से बिजली मिलने से प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी बिजली दी जा रही है.

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