भारत भेजेगा मंगल पर यान :मनमोहन सिंह

 गुरुवार, 16 अगस्त, 2012 को 02:23 IST तक के समाचार
मंगल ग्रह पर अभियान

दुनिया के चंद देश ही मगंल की जांच पड़ताल के लिए अभियान चला रहे हैं.

भारत ने अपने मंगल अभियान की औपचारिक घोषणा कर दी है. देश के 66वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत इस लाल ग्रह पर एक अंतरिक्ष यान भेजेगा.

लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर से बुधवार को प्रधानमंत्री ने कहा, “हाल ही में मंत्रिमंडल ने मंगल ऑर्बिटर अभियान को मंजूरी दे दी है. इस अभियान के तहत हमारा अंतरिक्ष यान मंगल के नजदीक जाएगा और अहम वैज्ञानिक सूचना जुटाएगा.”

उन्होंने कहा कि मंगल पर अंतरिक्ष यान भेजना भारत के लिए विज्ञान और प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम होगा.

भारत मंगल ग्रह से जुड़ा अभियान शुरू करने वाला दुनिया छठा देश है. इनमें भारत से पहले अमरीका, रूस, यूरोप, जापान और चीन के नाम शामिल हैं.

मिशन मंगल

अगर भारत का ये अभियान सफल रहा तो वो इस उपलब्धि को हासिल करने वाला पहला एशियाई देश होगा क्योंकि चीन और जापान के अभियान बीच रास्ते में ही त्याग देने पड़े थे.

"हाल ही में मंत्रिमंडल ने मंगल ऑर्बिटर अभियान को मंजूरी दे दी है. इस अभियान के तहत हमारा अंतरिक्ष यान मंगल के नजदीक जाएगा और अहम वैज्ञानिक सूचना जुटाएगा."

मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ओर से तैयार प्रस्ताव के मुताबिक 450 करोड़ रुपए की लागत वाले इस अभियान को अगले साल नवंबर में शुरू किया जा सकता.

माना जा रहा है कि भारतीय अंतरिक्ष यान को मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचने में 300 दिन का समय लग सकता है, जो इस ग्रह के परिवेश का अध्ययन करेगा.

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई दी जिन्होंने अग्नि 5 मिसाइल का सफल परीक्षण कर देश की प्रतिष्ठा को बढ़ाया है. साथ ही उन्होंने इसी साल रीसैट-1 को लॉन्च किया.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त को मंगल ऑर्बिटर मिशन को मंजूरी दे थी, लेकिन तब इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी क्योंकि इसे स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की तरफ की से की जाने वाली घोषणाओं का हिस्सा बनाया जाना था.

आर्थिक वृद्धि की चिंता

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

आर्थिक सुधारों को लेकर मनमोहन सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

इसके अलावा मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में कहा कि विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक सर्वसम्मति न बन पाने की वजह से आर्थिक विकास की गति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.

उन्होंने लोकपाल विधेयक के मसौदे को राज्य सभा में पारित करवाने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों का सहयोग मांगा है.

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने की कोशिशें सरकार जारी रखेगी.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने संबोधन में कई मुद्दों पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया लेकिन आर्थिक विकास उनके संबोधन का अहम हिस्सा बना रहा.

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