नरोदा पाटिया: दोषियों को सजा आज

 शुक्रवार, 31 अगस्त, 2012 को 05:09 IST तक के समाचार

गुजरात दंगों के दौरान सबसे क्रूरतम घटनाओं में से एक इस दंगे में 33 लोग घायल भी हुए थे.

नरोदा पाटिया दंगों के मामले में शुक्रवार को एक विशेष अदालत 32 दोषियों को सजा सुनाएगी. साल 2002 में हुए इन दंगों में 97 अल्पसंख्यकों की मौत हो गई थी.

अदालत ने बीजेपी विधायक और नरेन्द्र मोदी सरकार में पूर्व मंत्री माया कोडनानी और बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी को भी इस मामले में दोषी पाया था.

न्यायधीश ज्योत्सना याग्निक की अध्यक्षता वाली अदालत ने बुधवार को माया कोडनानी और बाबू बजरंगी को हत्या और षड़यंत्र रचने का दोषी पाया था. अदालत ने मामले में अभियुक्त बनाए गए 29 अन्य लोगों को बरी कर दिया है.

ये वाकया 28 फरवरी 2002 को गोधरा कांड के बाद हुआ था जब शहर के नरोदा पाटिया इलाके को घेर कर 97 लोगों की हत्या कर दी गई थी.

आरोप है कि इस भीड़ का नेतृत्व कोडनानी ने किया था.

गुजरात दंगों के दौरान सबसे क्रूरतम घटनाओं में से एक इस दंगे में 33 लोग घायल भी हुए थे.

नरोदा पाटिया कांड का मुकदमा अगस्त 2009 में शुरू हुआ और 62 आरोपियों के खिलाफ आरोप दर्ज किए गए थे. सुनवाई के दौरान एक अभियुक्त विजय शेट्टी की मौत हो गई.

अदालत ने सुनवाई के दौरान 327 लोगों के बयान दर्ज किए. इनमें पत्रकार, कई पीड़ित, डॉक्टर, पुलिस अधिकारी और सरकारी अधिकारी शामिल थे.

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