राजस्थान में विशेष थाना रोकेगा भ्रूण हत्या

 मंगलवार, 18 सितंबर, 2012 को 20:18 IST तक के समाचार
'भ्रूण वध'

राजस्थान में एक हजार मर्दों की तुलना में 926 औरते है .

राजस्थान में कन्या के भ्रूण को अब कानून की और बेहतर हिफाजत मिल जाएगी. राजस्थान सरकार ने भ्रूण हत्या रोकने के लिए विशेष थाना स्थापित करने का आदेश दिया है.

ये पुलिस थाना जयपुर में चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के मातहत काम करेगा और पूरा राज्य उसके दायरे में होगा. सरकार ने ये कदम जन्मी-अजन्मी कन्याओ को अपनों के ही हाथो मारे जाने की बढती घटनाओ को ध्यान में रख कर उठाया है.

गैर-सरकारी संगठनों के मुताबिक एक चौंकाने वाला तथ्य ये सामने आया है कि इस साल अब तक 149 ऐसे मामले सामने आए जब नवजात को किसी सूनसान स्थान पर लावारिस छोड़ दिया गया. इनमे से 145 कन्याएँ थीं.

राज्य मे बाल लिंगानुपात

झुंझुनू 831

सीकर 841

करौली 844

सृगंगानर 851

धोलपुर 864

सरकारी प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक कानून के तहत सभी मामलो में ये थाना कार्रवाई कर सकेगा. इस कानून के तहत पहले से दर्ज मामले भी इस नवगठित थाने को सौंपे जा रहे हैं.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में बाल लिंगानुपात में कई जिलो में चिंताजनक तौर पर कमी आई है. इनमे राजस्थान की राजधानी जयपुर भी है.

इसके आलावा हर 1000 लड़कों के मुकाबले में कन्याओं की संख्या झुंझुनू (831), सीकर (841), करौली (844), सृगंगानर (851) और धोलपुर (864) में खासी गिरी है.

झुंझुनू वो जिला है जिसने साक्षरता में जबरदस्त छलांग लगाई है पर इसके साथ ही बेटियों की संख्या कम होने लगी है.

सत्यमेव जयते

फिल्म अभिनेता आमिर खान ने अपने टीवी शो सत्यमेव जयते का पहल अंक ही राजस्थान में कोख में कतल के मामलो को समर्पित किया था और जयपुर आकर मुख्य मंत्री अशोक गहलोत से मिले थे.

गहलोत ने तब फिल्म अभिनेता को भरोसा दिलाया था कि सरकार कन्या वध रोकने के लिए पुख्ता कानूनी उपाय करेगी. इसी के तहत सरकार पहले ही सात विशेष अदालतों के गठन को अनुमति दे चुकी है जो इस कानून के तहत मामलो की सुनवाई करेगी.

बॉलीवुड स्टार आमिर के सत्यमेव जयते के बाद डॉक्टरो ने जयुपर में उनका विरोध करते हुए जुलुस निकाला था और उन पर इस पेशे को बदनाम करने का इल्जाम लगाया था.

मगर पिछले दिनों ही जयपुर में प्रशासन ने एक सामाजिक कार्यकर्ता राजन चौधरी की मदद से स्टिंग ऑपरेशन किया और एक डॉक्टर को पैसे लेकर कोख में पल रही संतान का लिंग बताने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया.

राजन ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया और गिनती कर बताया कि इस साल अब तक कोई 149 नवजात शिशुओं को लावारिस स्थानों पर छोड़ दिया गया. विडम्बना ये है इनमें 145 कन्याएँ थी.

राजस्थान में ऐसे 1864 केंद्र पंजीक्रत है जिनके पास सोनोग्राफी मशीने हैं. सरकार ने अब तक आठ डॉक्टरो के लाइसेंस रद्द किए हैं जो कन्या भ्रूण परीक्षण में लिप्त पाए गए हैं.

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