पाकिस्तानी मां-बाप की हिंदुस्तानी बेटी

राधा अपनी नवजात बच्ची भारती के साथ

साधुराम और राधा वैसे तो पाकिस्तान के नागरिक हैं लेकिन उनकी नवजात बिटिया भारती को भारतीय नागरिक होने का अधिकार हासिल है.

इसकी वजह ये है कि राधा ने भारती को राजस्थान के जोधपुर में बने पाकिस्तानी नागरिकों के शिविर में जन्म दिया है.

भारती का जन्म गुरूवार को हुआ. शनिवार को पाकिस्तान के एक और दम्पति की बिटिया का जन्म भी इसी शिविर में हुआ है.

इन बच्चों के जन्म पर मिठाइयां बांटी गईं और शिविर में साथ रह रहे पाकिस्तान से आए अन्य हिंदू परिवारों ने अपनी खुशी का इज़हार किया.

राधा को जब अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो एक दाई ने शिविर में ही इन बच्चों के जन्म में मदद की. एक डॉक्टर ने जच्चे-बच्चे की जांच की और दोनों को स्वस्थ पाया.

सीमांत लोक संगठन के हिंदू सिंह सोढा कहते हैं कि शिविर में बच्ची का जन्म होना शुभ है और वो बेटियों को ज्यादा चाहते हैं.

पाकिस्तान लौटने से इनकार

पाकिस्तान में सिंध स्थित संघार जिले से आए साधु और राधा उन 171 हिंदुओं के समूह में शामिल हैं जो नौ सितम्बर को जोधपुर पहुंचे थे और उन्होंने भारतीय नागरिक की मांग की थी.

सीमांत लोक संगठन से जुड़े एक कार्यकर्ता गोवर्धन कहते हैं कि इस बच्ची को भारती नाम दिया गया क्योंकि उसका जन्म भारत में हुआ है.

पर भारती अकेली नहीं है जिसके माता-पिता पाकिस्तान के हैं और जिसका जन्म भारतीय सरहद में हुआ है.

शनिवार को लंगाराम और उनकी पत्नी को भी पुत्री-रत्न की प्राप्ति हुई. ये दम्पति सिंध के मटियारी जिले से नौ सितम्बर को थार एक्सप्रेस के जरिए भारत आया था.

सीमांत लोक संगठन का कहना है कि पाकिस्तान से आए 368 हिंदुओं ने जोधपुर के इस शिविर में शरण ली है. भाजपा की राज्य इकाई ने इस बारे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को एक रिपोर्ट भी भेजी है.

पाकिस्तान के ये हिंदू तीर्थ-वीज़ा पर भारत आए थे और अब उन्होंने वापस जाने से ये कहते हुए इनकार कर दिया है कि वहां उनके साथ धार्मिक आधार पर भेदभाव किया जाता है.

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