तेलंगाना: लाखों प्रदर्शनकारी जमा, भड़की हिंसा

  • 30 सितंबर 2012

अलग तेलंगाना राज्य के समर्थन में रविवार को हैदराबाद में आयोजित ‘तेलंगाना मार्च’ के दौरान हिंसा फूट पड़ी है. प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाज़ी किए जाने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले फेंके और हवा में फायरिंग की. कई जगह पुलिस और मीडिया की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया है.

इस घटनाक्रम में कई लोग घायल भी हुए हैं.

उसमानिया विश्वविद्यालय के अलावा सचिवालय के नज़दीक तेलंगाना समर्थकों और पुलिस के बीच भिड़ंत हुई. लोगों को भगाने के लिए पुलिस ने लाठियां भी चलाईं.

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से बुलाए गए ‘तेलंगाना मार्च’ को सरकार ने हुसैन सागर से सटे नेकलेस रोड के हिस्से तक सिमित रखने की अनुमति दी थी. कार्यक्रम को केवल तीन से शाम सात बजे तक की अनुमति दी गई है.

तेलंगाना क्षेत्र से आने वाले लोगों को दूसरे इलाकों में जाने से रोकने के लिए पुलिस ने दूसरी सभी सड़कें बंद कर दी थीं और लोगों को कई किलोमीटर लम्बा चक्कर काट कर सिकंदराबाद के रास्ते से नेकलेस रोड पर जाने के लिए कहा जा रहा था.

इस पर गुस्साई जनता ने कई जगहों पर प्रदर्शन किए और पुलिस की ओर से लगाए गए अवरोधकों को तोड़ने की कोशिश की.

इस विरोध प्रदर्शन को तेलंगाना राष्ट्र समिति, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सहित कई राजनीतिक दलों और खुद कांग्रेस के तेलंगाना सांसदों का समर्थन भी प्राप्त है.

किसी गड़बड़ को रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हज़ारों जवानों को तैनात किया गया था. लेकिन उसमानिया विश्व विद्यालय में पुलिस और छात्रों के बीच उस समय ज़बरदस्त झड़प हो गई जब छात्रों ने जुलूस निकालने की कोशिश की. इस झड़प में कई छात्र घायल हो गए.

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति के नेता कोदंडा राम ने कहा कि सरकार ने मार्च के लिए अनुमति दी लेकिन अब वो इसे असफल बनाने के लिए पुलिस की शक्ति का दूरुपयोग कर रही है.

उन्होंने कहा की तेलंगाना के दूसरे जिलों से हैदराबाद आने वालों को रोकने के लिए 15 ट्रेनें रद्द कर दी गईं और दूसरी ट्रेनों को कई घंटों की तेज़ी से चलाया जा रहा है.

इस बीच तेलंगाना क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाले पांच कांग्रेसी सांसदों को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार कर लिया जब की वो तेलंगाना में लोगों की बड़े पैमाने पर गिरफ़्तारी के विरुद्ध मुख्यमंत्री निवास स्थान के बाहर धरना दे रहे थे.

इन सब बाधाओं के बावजूद नेकलेस रोड पर लाखों लोग जमा हो गए हैं. अलग अलग दलों के लोग अलग स्थानों से जुलूस के रूप में वहां पहुंचे हैं. इसके अलावा अध्यापकों, डॉक्टरों, वकीलों, पत्रकारों और महिला संगठनों ने भी अलग अलग जुलूस निकाले. इनमें शामिल लोग तेलंगाना राज्य के समर्थन में और केंद्र और राज्य सरकार के विरुद्ध नारे लगा रहे थे.

आयोजकों में से कुछ लोगों ने यह कह कर सरकार और पुलिस की चिंताएं बढ़ा दी हैं की वो उस समय तक अपना मार्च समाप्त नहीं करेंगे और नेकलेस रोड से नहीं हटेंगे जब तक केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य पर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं करती.

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