बदला लेने के लिए किया गया हमला:केएस बरार

केएस बरार
Image caption जनरल बरार 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के भी हीरो थे

ऑपरेशन ब्लू स्टार की अगुवाई करने वाले रिटायर्ड लेफ़्टिनेंट जनरल केएस बरार ने लंदन में रविवार को अपने ऊपर हुए हमले के बारे में बीबीसी को विस्तार से बताया.

केएस बरार ने बताया कि वे सिख चरमपंथियों और खालिस्तान समर्थकों के निशाने पर रहे हैं और रविवार को हुआ हमला उन्हें जान से मारने की कोशिश थी.

पहले भी हुई हमले की कोशिशों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ पिकाडेली सर्कस से डिनर करके लौट रहे थे.

केएस बरार ने बताया कि वे जब बस से ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट पर उतरकर अपने होटल की ओर बढ़ रहे थे तो दाढ़ी वाले चार लोग आए जिनकी कदकाठी मजबूत लग रही थी, उन्होंने हमला किया.

उन्होंने बताया कि हमलावरों ने उनकी पत्नी को खींचकर सड़क पर गिरा दिया और वो मदद के लिए चिल्ला रही थीं. इसी दौरान तीन हमलावरों में से एक ने चाकू से उन पर वार किया.

'लूटपाट का मामला नहीं'

केएस बरार बताते हैं कि सेना में होने की वजह से वो जानते हैं कि अपना बचाव कैसे किया जाता है, उन्होंने एक हमलावर को मुक्का जड़कर दूर किया, लेकिन तभी दूसरे हमलावर ने उन पर पीछे से और फिर चेहरे पर चाकू मार दिया.

वे बताते हैं कि इस दौरान आसपास से कुछ लोग गुजरे और हमलावर भाग गए. केएस बरार कहते हैं कि ये लूटपाट की कोशिश का मामला नहीं है, क्योंकि हमलावर कुछ लूटकर नहीं ले गए.

वे कहते हैं कि ये लोग उनकी हत्या करके ऑपरेशन ब्लूस्टार का बदला लेना चाहते थे, इस दौरान लंदन पुलिस ने बड़ी फुर्ती दिखाई और मुझे अस्पताल पहुंचाया जहां मेरी ठीक से जांच की गई.

'हमलावरों की पहचान'

ये पूछे जाने पर कि हमलावर कैसे थे, किस भाषा में बात कर रहे थे, केएस बरार ने बताया, ''वो बिल्कुल भी नहीं बोल रहे थे, बस एक्शन हो रहा था, वो किसी के आने से पहले अपना काम खत्म करके भाग जाना चाहते थे.''

उन्होंने बताया, ''हमलावार गोरे नहीं थे और भारतीयों जैसे ही लग रहे थे. मुझे पूरा भरोसा है कि वो सिख थे, वरना मेरी उम्र 78 साल हो गई है, कोई और मुझे क्यों मारना चाहेगा.''

ऑपरेशन ब्लूस्टार को लगभग 30 वर्ष हो चुके हैं, जब आप लंदन आते हैं तो क्या आपके साथ आम तौर पर सुरक्षाकर्मी रहते हैं, ये पूछे जाने पर केएस बरार ने नहीं में जबाव दिया.

भविष्य में सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लंदन दुनिया की उन जगहों में से एक है जहां बड़ी संख्या में सिख रहते हैं जिनमें से कई खालिस्तान के समर्थक होंगें.

केएस बरार ने ये भी कहा कि यही सिख लोग आगे भी उनसे बदला लेने की कोशिश करेंगे.

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