एशियाई देशों को एडीबी ने दिया झटका

विकास दर
Image caption विकास दर में सुधार के लिए एशियाई देशों को निर्यात पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी.

एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ाते हुए एशियन डेवेलपमेंट बैंक (एडीबी) ने साल 2012-13 के लिए एशिया की विकास दर के अनुमान में कटौती की घोषणा की है.

विकास दर में कटौती के लिए एशिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं भारत और चीन को मुख्य रुप से ज़िम्मेदार बताया गया है.

बैंक का मानना है कि यूरोप और अमरीका में छाई मंदी का असर एशियाई बाज़ार पर भी पड़ रहा है.

माना जा रहा है कि जापान के अलावा लगभग सभी एशियाई देश फंड जमा करने संबंधी परियोजनाओं में अनुमानित 6.6 फीसदी के बजाय 6.1 फीसदी की दर से बढ़ोत्तरी दर्ज करेंगे.

बैंक का पूर्वानुमान है कि मंहगाई दर भी अनुमानित 4.4 फीसदी के बजाय 4.2 फीसदी रहेगी.

हिदायत

एडीबी की हिदायत है कि एशियाई देशों तो इन आंकड़ों में सुधार के लिए निर्यात पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहिए.

बैंक के बयान के मुताबिक, ‘’एशिया की दो मज़बूत अर्थव्यवस्थाएं भारत-चीन और निर्यात पर आधारित कुछ अन्य देश ही इस कटौती के लिए ज़िम्मेदार हैं.‘’

पिछले दिनों यूरोप और अमरीकी अर्थव्यवस्थों के बिगड़ते हालात और इसके चलते घटते निर्यात के आंकड़े जारी हुए थे.

चीन में लगातार दूसरे महीने उत्पादन के आंकड़े भी खराब रहे हैं. साथ ही जापान का उत्पादन उद्दोग भी निर्यात में कमी के कारण मंदी झेल रहा है.

भारत में आयात-निर्यात को लेकर पिछले दिनों आई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का निर्यात लगातार चौथे माह भी कम रहा है.

इसके चलते आशंका जताई जा रही है कि भारत अपने सालाना निर्यात लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकेगा. निर्यात के अलावा आयात में भी 5.08 फ़ीसद की कमी दर्ज की गई थी.

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