'महामहिम' पसंद नहीं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को

बिहार सरकार ने अनाज, दूध, मछली और फल-सब्ज़ी का उत्पादन बढाने के लिए डेढ़ लाख करोड़ रूपए की विशेष योजना से सम्बंधित 'कृषि रोड मैप' तैयार किया है.

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को पटना में एक बड़े समारोह में इस महत्वाकांक्षी 'कृषि रोड मैप' को जारी किया. इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें ख़ास तौर पर आमंत्रित किया था.

इस मौक़े पर राष्ट्रपति ने कहा, ''डॉक्टर के बच्चे डॉक्टर, प्रोफ़ेसर के बच्चे प्रोफ़ेसर और राजनीतिक नेता के बच्चे भी नेता बनना चाहते हैं, लेकिन किसान के बच्चे किसान क्यों नहीं बनना चाहते, ये सोचने की बात है. इसलिए कृषि की तरफ़ विशेष ध्यान देना इस देश में बेहद ज़रूरी है. ''

उन्होंने इस दिशा में बिहार की पहल को सराहा और ये भी कहा कि भारत में एक और कृषि क्रांति की सख्त ज़रुरत है.

नीतीश का प्रणब प्रेम

राष्ट्रपति बनने के बाद बिहार की इस पहली यात्रा में प्रणब मुखर्जी को नीतीश कुमार के प्रति बार-बार आभार व्यक्त करते देखा-सुना गया. मुख्यमंत्री ने भी उनके आतिथ्य में कोई कसर नहीं छोडी.

यह स्वाभाविक भी था क्योंकि नीतीश कुमार ने अपनी सत्ता साझीदार भारतीय जनता पार्टी से अलग रुख़ अपनाते हुए राष्ट्रपति चुनाव में प्रणब मुखर्जी का समर्थन किया था.

दोनों के इस राजनीतिक स्नेह-संबंध की चर्चा राष्ट्रपति के इस बिहार दौरे के समय कुछ और बढ़ गई है. लेकिन इससे भी अधिक चर्चा 'महामहिम' शब्द को लेकर हो रही है.

महामहिम नहीं 'श्री' प्रणब मुखर्जी

कहा जा रहा है कि प्रणब मुख़र्जी को अपने पदनाम से पहले 'महामहिम ' जोड़ना पसंद नहीं है, इसलिए यहाँ उनके कार्यक्रमों से सम्बंधित बैनर,पोस्टर या निमंत्रण पत्रों में 'महामहिम' नहीं लिखा गया.

यहाँ तक, कि उनके स्वागत-सम्मान वाले भाषणों में भी 'महामहिम ' संबोधन से परहेज किया गया. अंग्रेजी में भी उनके नाम से पहले 'हिज़ एक्सेलेंसी ' नहीं जोड़ा गया.

यह बात तब खुली, जब दरभंगा स्थित मिथिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह से संबंधित निमंत्रण पत्र में संशोधन करके राष्ट्रपति के नाम से पहले 'महामहिम ' हटाकर 'श्री' जोड़ा गया.

कहते हैं, ऐसा राष्ट्रपति भवन के निर्देश पर हुआ. बुधवार को दरभंगा में मिथिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों डिग्रियां प्रदान की गईं.

उधर जिन छात्रों या विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों को समारोह स्थल पर जाने से रोका गया, उन्होंने प्रवेश द्वार से बाहर भारी हंगामा मचाया.

उन्हें वहाँ से खदेड़ने के लिए पुलिस को बल-प्रयोग का सहारा लेना पड़ा. वैसे भी, हाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अधिकार यात्रा के दौरान आक्रामक विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस कुछ ज़्यादा ही चौकसी बरत रही है.

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