अब हर हफ़्ते होंगे आर्थिक सुधार: चिदंबरम

  • 4 अक्तूबर 2012
पी चिदंबरम
पी चिदंबरम का कहना है कि भारत में किसी भी सुधार पर सबको एकमत कर लेना संभव नहीं है

भारत के वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि आने वाले दिनों में सरकार हर हफ़्ते एक ऐसा आर्थिक सुधार ला सकती है जिसके लिए संसद में कानून पास करने की ज़रुरत नहीं है.

चिदंबरम का कहना है कि जिन सुधारों के लिए सरकार को कानून पास कराने की ज़रुरत है उन सुधारों में से कई के बारे में उन्हें उम्मीद है कि वो संसद के शीत सत्र में पास हो जायेगें.

बीबीसी के साथ हुई एक विशेष बातचीत में वित्त मंत्री ने माना कि भारत में आर्थिक सुधार तभी लाये जाते हैं जब आर्थिक हालात इसे सरकार की मजबूरी बना दें.

चिदंबरम का कहना है"लेकिन दुनिया भर के के ज़्यादातर देशों में यही होता है. अमरीका ने स्वास्थ्य क्षेत्र में यही किया, ब्रिटेन ने भी कई मामलों में यही किया. पर हम कई ऐसे सुधार भी ला रहे हैं जिन्हें लाने की हमारी कोई मजबूरी नहीं है."

'हम नहीं भ्रष्टतम'

वित्त मंत्री इस बात का जोरदार खंडन करते हैं कि भारत में अधिकांश लोग यह मानते हैं कि यूपीए सरकार आज़ाद भारत के इतिहास में भ्रष्टतम सरकार है. वित्त मंत्री कहते हैं "कोई यह नहीं कह सकता कि इस देश के अधिकांश लोग क्या सोचते हैं, इस देश का हर आदमी चुनाव के दिन अपने वोट से बताएगा कि वो क्या सोचता है."

चिदंबरम ने भारत में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आगे बोलते हुए कहा, "साल 1991 से आज तक मैं सैकड़ों, भारत आए विदेशियों, मध्यस्थों और निवेशकों से मिला हूँ लेकिन किसी ने यह नहीं कहा कि भारत में भ्रष्टाचार भीषण तरीके से बढ़ा हो. बस हुआ यह है कि अर्थव्यवस्था का फैलाव हुआ, कीमतें बढीं इसलिए लोगों को यह लगता है कि भारत में भ्रष्टाचार के बिना तो कुछ नहीं हो सकता."

उन्होंने उदहारण देते हुए बताया कि " कोयले के खनन से आज से दस बरस पहले जितना राजस्व प्राप्त होता था, आज उससे दस गुना मुनाफ़ा सरकार को प्राप्त हो रहा है लेकिन इस व्यापार के आंकड़े बहुत बड़े हैं इसलिए लोगों को यह भी लगता है कि भ्रष्टाचार भी बहुत बड़ा हुआ होगा."

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