सुप्रीम कोर्ट: छह माह में स्कूलों में शौचालय बनाएं

  • 4 अक्तूबर 2012
भारतीय स्कूल
भारतीय स्कूलों में शौचालयों की कमी पर सुप्रीम कोर्ट का रवैया सख़्त

भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को सभी स्कूलों में शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए छह माह का वक्त दिया है.

अदालत ने ये भी कहा है कि सरकारें इससे पहले स्कूलों के बुनियादी ढांचे को लेकर दिए गए आदेशों का भी पालन करें.

पिछले साल अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों में, विशेषकर लड़कियों के लिए शौचालय का प्रबंध करने के निर्देश दिए थे.

कई अध्ययनों से ये पता चला है कि अगर स्कूल में शौचालय ना हो तो माता-पिता लड़कियों को पढ़ने नहीं भेजते.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का आभाव संविधान में दिए गए मुफ़्त और ज़रुरी शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है.

अदालत का ये आदेश एक जनहित याचिका के बाद आया है.

इसी वर्ष अप्रैल में राइट टू इजुकेशन फ़ोरम नामक संस्था ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत भर में 95 प्रतिशत स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का आभाव है.

इस संस्था के अध्ययन में पाया गया कि दस में से एक स्कूल में पीने का पानी नहीं होता है और 40 फ़ीसदी स्कूलों में शौचालय ही मौजूद नहीं होता.

अन्य 40 प्रतिशत स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग से शौचालय का प्रबंध नहीं होता है.

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