कश्मीर रिपोर्ट: सेना पर लगे हत्या के आरोप

  • 5 अक्तूबर 2012
कश्मीर
Image caption रिपोर्ट में ऐसे 57 सैन्य कैंपों का जिक्र है जिन्हें कथित तौर पर यातना केंद्रों की तरह इस्तेमाल किया जाता है

पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा की जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो दशकों की हिंसा में भारत-प्रशासित कश्मीर के 50 गाँवों में रहने वाले 500 से ज्यादा लोग या तो मारे गए हैं या फिर गायब हो गए हैं.

रिपोर्ट के अनुसार गायब या मारे गए लोगों की उम्र पाँच और 75 साल के बीच में है.

श्रीनगर में जारी की गई इस रिपोर्ट का शीर्षक है “अत्याचार और पीड़ा”.

गौतम नवलखा ने इस मामले में सरकारी हस्तक्षेप की भी मांग की.

उधर सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एचएस ब्रार ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है और अगर ऐसी कोई रिपोर्ट उनके पास आती है तो वो उसे पढ़कर उसपर उचित जवाब देंगे.

रिपोर्ट के अनुसार 437 हत्याओं में से भारतीय सेना 320 मामले में कथित तौर पर दोषी है, जबकि चरमपंथी 84 हत्याओं के लिए जिम्मेदार हैं.

मारे गए लोगों में 192 आम नागरिक हैं जबकि 225 चरमपंथी, चार पुलिसकर्मी, चार गुप्तचर और 12 पूर्व चरमपंथी.

'यातना गृह'

Image caption श्रीनगर में जारी की गई इस रिपोर्ट का शीर्षक है “अत्याचार और पीड़ा”

रिपोर्ट के अनुसार 65 में 42 लोग कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजित करने वाली नियंत्रण रेखा के पास से गायब हो गए.

मारे जाने वाले ज्यादातर मुसलमान हैं, लेकिन दो स्थानीय हिंदू और एक सिख नागरिक भी इस सूची में शामिल है.

रिपोर्ट में चरमंपथी गुट हिज्बुल मुजाहिद्दीन को बारामुला के इंदर सिंह की हत्या के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है.

36 पेज की इस रिपोर्ट के अनुसार उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामुला जिले के 50 गाँवों के 250 एकड़ क्षेत्र में 145 सैन्य अड्डे पाए गए.

रिपोर्ट कहती है कि 20 सरकार और निजी इमारतों पर सेना का कब्जा है.

रिपोर्ट में ऐसे 57 सैन्य कैंपों का जिक्र है जिन्हें कथित तौर पर यातना केंद्रों की तरह इस्तेमाल किया जाता है और वहाँ करीब 2,000 लोगों को यातनाएँ दी गई हैं.

रिपोर्ट के अनुसार सर्वे किए गए 50 गाँवों के कम से कम 49 लोग कथित सैन्य यातनाओं के कारण पर शारीरिक तौर से अक्षम हो गए.

रिपोर्ट में कश्मीर के दूसरे पहलुओं जैसे शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक विकास को लेकर भी कई बातें कही गई हैं.

संबंधित समाचार