अरविंद केजरीवाल के निशाने पर हरियाणा सरकार

 मंगलवार, 9 अक्तूबर, 2012 को 22:47 IST तक के समाचार
केजरीवाल

केजरीवाल ने मांग की कि हरियाणा सरकार डीएलएफ को पिछले 10 सालों में दिए गए फायदों पर श्वेत पत्र जारी करे.

हरियाणा सरकार और रिएल इस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच सांठ गांठ के आरोप लगाते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि हरियाणा ने पिछले सालों में कंपनी को कई फायदे पहुँचाए हैं.

दिल्ली में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी को गुडगांव में जो ज़मीन टस्पेशल इकोऩिमक ज़ोन' बनाने के लिए दी गई उसपर अस्पताल बनाया जाना था.

हालांकि हरियाणा सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है.

कुछ दिन पहले जनलोकपाल के सहारे राजनीति की राह पकड़ने वाले केजरीवाल ने कहा था कि डीएलएफ़ समूह ने गलत तरीकों से रॉबर्ट वाड्रा को 300 करोड़ रुपयों की संपत्ती कौड़ियों के दामों में दे दी.

इन आरोपों को जब डीएलएफ ने खारिज किया तो केजरीवाल ने आज इन आरोपों को आगे ले जाते हुए कहा कि हरियाणा सरकार डीएलएफ को पिछले 10 सालों में दिए गए फायदों पर श्वेत पत्र जारी करे.

केजरीवाल ने कहा, ''हरियाणा सरकार ने 350 एकड़ ज़मीन 1700 करोड़ में दी थी.''

हरियाणा का कहना था कि डीएलएफ को कोई फायदा नहीं पहुंचाया गया था बल्कि इसके ज़मीन देने के लिए अंतरराष्ट्रीय 'बिडिंग' हुई.

आवेदन नामंज़ूर

इस पर केजरीवाल ने कहा, ''इसके लिए तीन कंपनियां ने कंटरी हाईटस, यूनिटेक और डीएलएफ ने कीमत लगाई थी लेकिन केवल डीएलएफ के ही फाइनेशल बिड खोले गए.''

उन्होंने कहा, ''यह कहा गया कि बाकियों का गोल्फ कोर्स बनाने का अनुभव नहीं है हालांकि टेंडर के नियमों में यह नहीं कहा गया था...लेकिन एक वेबसाइट से पता चला कि दोनों के डीएलएफ से अधिक 'बिड' थे.''

केजरीवाल ने कहा, ''हुडा (एक सरकारी संस्थान) का काम आम लोगों के लिए सस्ते मकान और दुकान बनाना होता है लेकिन उसने सभी से धोखा किया. गांव के किसानों से ज़मीन इसलिए ली थी ताकि घर सड़क और बाकी विकास किया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ.''

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राबर्ट वाड्रा के पास कंपनी के 50,000 शेयर थे जो उन्होंने अगले साल बेच दिए. उन्होंने कहा कि इस दौरान कुछ तो हुआ होगा...इसके पीछे कुछ न कुछ कहानी है जिसकी जांच होनी चाहिए.''

'आरोप निराधार'

हरियाणा सरकार ने केजरीवाल के आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कहा है कि जिस 30 एकड़ ज़मीन पर अस्पताल बना वो सरकार की नहीं बल्कि एक निजी होटल की थी.

सरकार ने कहा कि जिस हाई कोर्ट के फैसले को केजरीवाल ने अपने आरोपों का आधार बनाया है उसे सुप्रीम कोर्ट ने बाद में स्टे कर दिया था.

इस बीच कांग्रेस ने रॉबर्ट वाड्रा का बचाव करते हुए केजरीवाल के आरोपों को खारिज किया है.

कांग्रेस की प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, ''किसने इन दस्तावेज़ों को प्रमाणित किया है. सारा देश किसानों की ज़मीन पर है. जंगल की ज़मीन पर भी विकास होता है. यह इल्ज़ाम बिना सोचे समझे लगाए गए हैं.''

उन्होंने कहा, ''क्या राजनीति में आने वालों के बच्चों का बिज़नेस करने का कोई हक नही है?...अरविंद केजरीवाल का अपना कोई स्तर नहीं है और अब उनका स्तर और भी गिर गया है.''

उधर बीजेपी ने केजरीवाल के लगाए गए आरोपों के बाद मामले की जांच की मांग की है.

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