नरेंद्र मोदी के लिए खुले ब्रिटेन के दरवाज़े?

  • 11 अक्तूबर 2012
नरेंद्र मोदी
गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं.

गुजरात में व्यापार और निवेश की बढ़ती संभावनाओं के बीच मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपने रुख में नरमी दिखाई है.

ब्रिटेन के विदेश विभाग ने घोषणा की है कि भारत में उनके उच्चायुक्त अगले कुछ हफ्तों में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने गुजरात जाएंगे.

गुजरात में वर्ष 2002 में हिंदु और मुसलमानों के बीच हुए दंगों में सैकड़ों लोग मारे गए थे जिनमें ब्रिटेन के भी तीन नागरिक थे.

इस घटनाक्रम के बाद ब्रिटेन समेत कई पश्चिमी देशों की सरकारों ने नरेंद्र मोदी और गुजरात सरकार से संबंध तोड़ दिए थे.

'राष्ट्रीय हितों' का ध्यान

ब्रिटिश सरकार के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि गुजरात दौरे का फैसला ब्रिटेन के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है.

गुजरात में ब्रिटेन की कई कंपनियों ने निवेश किया है. कई अन्य कंपनियां भी वहां निवेश करना चाहती हैं.

गुजरात में 13 दिसम्बर से 17 दिसम्बर के बीच विधानसभा चुनाव होना हैं. ब्रिटेन के वरिष्ठ अधिकारियों का गुजरात दौरा इससे पहले होगा.

सूत्रों का कहना है कि भारत के विदेश मंत्रालय और दंगों में मारे गए तीन ब्रितानी नागरिकों के वकीलों को इस बारे में बता दिया गया है.

ब्रिटिश सरकार के इस फैसले का गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है.

उन्होंने ट्विटर पर भेजे अपने संदेश में कहा है, ''देर आए, दुरुस्त आए!! गुजरात के साथ संबंध बढ़ाने और मज़बूत करने के लिए ब्रिटिश सरकार के इस कदम का मैं स्वागत करता हूं. गॉड इज़ ग्रेट''.

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