अरविंद केजरीवाल समर्थकों के साथ हिरासत में

 शुक्रवार, 12 अक्तूबर, 2012 को 15:46 IST तक के समाचार

केजरीवाल और उनके समर्थक जनपथ पर धरना पर बैठे थे.

कथित भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के इस्तीफे की मांग करते हुए धरने पर बैठे अरविंद केजरीवाल और उनके कुछ साथियों को हिरासत में लिया गया है.

जनलोकपाल के सहारे राजनीति की राह पकड़ने वाले कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के इस्‍तीफे की मांग की और शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री के निवास की ओर मार्च शुरू किया.

प्रधानमंत्री निवास की ओर उनके मार्च को बीच में ही रोक दिया गया और केजरीवाल अपने समर्थकों के साथ जनपथ पर धरना देकर बैठ गए.

दोपहर बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और गोपाल राय को हिरासत में ले लिया गया.

एक टीवी चैनल पर दिखाया गया था कि एक एनजीओ के द्वारा लाखों का घोटाला किया गया है और उसमें ख़ुर्शीद की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे जिसके बाद केजरीवाल ले इस मामले की जांच की और खुर्शीद के इस्तीफ़े की भी मांग की है.

चैनल ने आरोप लगाया है कि खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद ने एनजीओ के जरिए विकलांग लोगों के लिए पैसे का दुरुपयोग किया है.

नहीं मिले पीएम

केजरीवाल ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मुलाक़ात का समय मांगा लेकिन समाचार एजेंसी पीटीआई ने प्रधानमंत्री कार्यालय के हवाले से बताया कि पीएम का कार्यक्रम एक दिन पहले ही बन जाता है और उनके पास शुक्रवार को मिलने का वक्त नहीं है.

इसके बाद शुक्रवार सुबह अरविंद केजरीवाल और उनके समर्थक पीएम आवास की तरफ बढ़े लेकिन भारी सुरक्षा की वजह से ज्यादा दूर नहीं जा सके और जनपथ पर धरना दे दिया. बाद में पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं को वहां से उठाया और हिरासत में ले लिया गया.

केजरीवाल ने कहा कि खुर्शीद और उनकी पत्नी ताकतवर लोग हैं और सबूतों के साथ छेड़खानी कर सकते हैं इसलिए दोनों को गिरफ्तार कर लेना चाहिए.

पीटीआई के अनुसार केजरीवाल ने कहा, "इस जगह को दूसरा तहरीर चौक बना देना चाहिए. लोगों को छुट्टी लेकर यहां आना चाहिए, ये आर-पार की लड़ाई है. प्रधानमंत्री को हमसे मिलना होगा खुर्शीद को इस्तीफ़ा देना ही होगा."

सलमान खुर्शीद ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वो अदालत में और लोगों के सामने भी इस मामले की सीधी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं.

इससे पहले अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और उनके पिता शांति भूषण ने पिछले सप्ताह दिल्ली में हुई एक पत्रकारवार्ता में कुछ दस्तावेज़ पेश करते हुए आरोप लगाया था कि उत्तर भारत के एक बड़े रियल एस्टेट डेवलपर डीएलएफ़ समूह ने गलत तरीकों से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को 300 करोड़ रुपयों की संपत्तियाँ कौड़ियों के दामों में दे दीं.

इसके बाद कांग्रेस ने पूरा ज़ोर लगाकर इन आरोपों को ख़ारिज किया था.

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