शालीन सलमान खुर्शीद से तमतमाए खुर्शीद तक

  • 15 अक्तूबर 2012

भारतीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को टीवी चैनलों और आम सभाओं में अबतक एक बेहद शालीन राजनीतिज्ञ के तौर पर देखा गया है लेकिन रविवार को सलमान खुर्शीद गुस्से में तमतमाते हुए, उखड़ते हुए और मुस्कुराते हुए विभिन्न मुद्राओं में दिखाई दिए.

ये शायद पहला मौका था जब सलमान खुर्शीद को इस तरह अपना आपा खोते हुए देखा गया.

दरअसल सलमान खुर्शीद की ज़ाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं. जिनका खुर्शीद परिवार शुरू से खंडन करता आया है. और इन्हीं आरोपों का जवाब देने के लिए केंद्रीय क़ानून मंत्री ने दिल्ली में एक प्रेसवार्ता बुलाई थी.

सलमान खुर्शीद ने उत्तर प्रदेश के फर्रुख़ाबाद से 1991 में लोकसभा में सांसद के तौर पर कदम रखा. वो खुर्शीद आलम ख़ान के बेटे हैं जो कि भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री और विभन्न राज्यों के राज्यपाल रहे.

भारत के राष्ट्रपति रह चुके ज़ाकिर हुसैन, खुर्शीद आलम खान के नाना थे.

सलमान खुर्शीद ने दिल्ली से सेंट स्टीफन कॉलेज से अंग्रेज़ी और कानून के विषयों में स्नातक किया और लंदन के ऑक्सफर्ड युनिवर्सिटी से आगे की पढ़ाई की.

दसवीं लोकसभा में 1991 में पहली बार सांसद बनने के बाद वो उप-वाणिज्य मंत्री रहे और 1993 में वो पहली बार कैबिनेट मंत्री के तौर पर उन्हें विदेश मंत्रालय मिला.

इसके बाद वो कांग्रेस पार्टी के लिए काम करते रहे. 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए हुए चुनानों में वो दूसरी बार सांसद चुने गए. मौजूदा सरकार में कानून मंत्री बनने से पहले वो अल्पसंख्यक मंत्रालय और जल संसाधन मंत्रायय में कैबिनेट स्तर के मंत्री रहे.

राजनीति के अलावा सलमान खुर्शीद सर्वोच्च अदालत में वकील के तौर पर भी विभिन्न मामलों में वकालत करते रहे हैं.

सलमान खुर्शीद राजनीति के कई सामाजिक और शैक्षणिक ट्रस्टों से भी जुड़े हुए हैं. वो ज़ाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के चेयरमैन हैं और दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी में 1992 से लेकर 2005 तक ट्रस्टी रहे हैं. सलमान खुर्शीद ओखला इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के मुख्य संगरक्षक भी रहे हैं.

संबंधित समाचार