केजरीवाल में हिटलर की झलक: दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह
Image caption दिग्विजय सिंह एक दशक तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अरविंद केजरीवाल को महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा कि उनमें हिटलर की झलक नज़र आती है.

केजरीवाल को लिखे एक पत्र में दिग्विजय सिंह ने कहा है, “सिविल सोसाइटी मूवमेंट में आपके सहयोगी सेवानिवृत्त अधिकारी वाईपी सिंह ने आपको हिटलर कहा, मैं आपमें हिटलर की झलक देख सकता हूं. “

उन्होंने कहा, “पहले मैं समझता था कि आप जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले पुरोधा हैं, लेकिन आपके बारे में मेरी राय अब बदल गई है. आपकी अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं.”

दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल अपनी महत्वाकांक्षाओं की खातिर, आरटीआई आंदोलन में अपनी गुरू रहीं अरुणा शुक्ला को साथ लेकर नहीं चल सके, फिर उन्होंने किरण बेदी से किनारा किया और अब अन्ना हज़ारे को भी अलग कर दिया.

दिग्विजय सिंह ने ये दावा भी किया कि केजरीवाल चाहते थे कि वे राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में सदस्यता के लिए उनका नाम आगे बढ़ाएं.

दिग्विजय सिंह का कहना है कि केजरीवाल इस सिलसिले में सोनिया गांधी से भी मुलाकात करना चाहते थे.

वाईपी सिंह के आरोप

Image caption अरविंद केजरीवाल के साथियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं.

गुरूवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी वाईपी सिंह ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने लवासा परियोजना के लिए ज़मीन अवैध रुप से दिलवाने में मदद की थी.

महाराष्ट्र में लवासा पूर्व नियोजित शहरी परियोजना है और वाईपी सिंह का आरोप है कि इस घोटाले से पवार के परिवार और उनके दोस्तों को फ़ायदा मिला है.

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के सिंचाई घोटाले और किसानों की ज़मीन हड़पने की नितिन गडकरी के मामले का ज़िक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने बहुत सी जानकारियाँ छिपा लीं थीं.

वाईपी सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कृषि मंत्री शरद पवार ने सफाई देते हुए कहा था कि वे इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहते क्योंकि ये मामला अदालत में है. लेकिन उन्होंने माना कि शुरुआती दौर में लवासा परियोजना से जुडी़ कंपनी में उनकी बेटी के शेयर थे.

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