सोनिया, मनमोहन को खुली बहस की चुनौती

  • 22 अक्तूबर 2012
अरविंद केजरीवाल
Image caption दिग्विजय सिंह के सवालों पर केजरीवाल पलटवार.

सामाजिक कार्यकर्ता से राजनेता बने अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को खुली सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है.

केजरीवाल का कहना है कि वो कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की ओर से पूछे गए सवालों के तभी जबाव देंगे, जब भ्रष्टाचार से जुड़े उनके आरोपों के जवाब मिल जाएंगे.

अरविंद केजरीवाल के संगठन इंडिया अंगेस्ट करप्शन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा, कानून मंत्री सलमान खुर्शीद, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी समेत कई बड़े राजनेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

इन्हीं के जवाब में दिग्विजय सिंह ने अरविंद केजरीवाल के सामने 27 सवाल रखे हैं. इनमें केजरीवाल के गैर सरकारी संगठन को मिलने वाले पैसे और अन्य मुद्दों पर सवाल पूछे गए हैं. लेकिन इससे पहले केजरीवाल ने कांग्रेस के बड़े नेताओं को सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित किया है.

पुलिस से झड़प

केजरीवाल ने कहा, “हमने रॉबर्ट वाड्रा और प्रधानमंत्री के सामने कुछ सवाल रखे हैं. पहले उन्हें जवाब देना चाहिए. उसके बाद हम दिग्वजिय सिंह के सवालों के जवाब देंगे. मैं दिग्विजय सिंह से आग्रह करता हूं कि वो गांधी, प्रधानमंत्री या राहुल गांधी को सार्वजनिक बहस के लिए प्रोत्साहित करें.”

कांग्रेस के नेता हरीश रावत ने अरविंद केजरीवाल की मांग को सिरे से खारिज किया है.

इस बीच इंडिया अगेस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं की रविवार को दिल्ली में पुलिस से उस वक्त झड़प हो गई जब वे हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के निवास के सामने विरोध जताने के लिए जमा हुए.

हुड्डा की हरियाणा सरकार पर आरोप हैं कि उसने वाड्रा और रीयल एस्टेट की नामी कंपनी डीएलएफ के बीच हुए समझौतों को देखते हुए उन्हें फायदा पहुंचाया.

जब प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लगे अवरोधों को तोड़ दिया तो पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछारों और लाठी चार्ज का इस्तेमाल किया. इसमें सात लोगों के घायल होने की खबर है. इस प्रदर्शन में खुद केजरीवाल शामिल नहीं थे.

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