बांग्ला साहित्यकार सुनील गंगोपाध्याय का निधन

 मंगलवार, 23 अक्तूबर, 2012 को 11:18 IST तक के समाचार
सुनील गंगोप्धयाय

सुनील गंगोपाध्याय काफ़ी दिनों से बीमार चल रहे थे.

जाने माने बांग्ला साहित्यकार सुनील गंगोपाध्याय का कोलकाता में निधन हो गया. वे 78 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उनका अंतिम संस्कार बॉस्टन में रहने वाले उनके पुत्र के आने के बाद किया जाएगा.

साहित्य अकादमी के अध्यक्ष रहे गंगोपाध्याय का जन्म सितंबर 1934 वर्तमान बांग्लादेश के फरीदपुर जिले में हुआ था.

गंगोपाध्याय बांग्ला भाषा के प्रतिष्ठित कवि और उपन्यासकार थे.उन्होंने करीब दो सौ पुस्तकें लिखी हैं जिनमें बड़ी संख्या में कहानियाँ, उपन्यास, नाटक, आलोचना, यात्रा वृत्तांत के अलावा बाल साहित्य में शामिल हैं.

सुनील गंगोपाध्याय को साल 1985 में उनके उपन्यास ‘सेई समय’ के लिए प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. लंबे समय तक साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष रहने के बाद उन्हें साल 2008 में साहित्य अकादमी का अध्यक्ष चुना गया था.

उनकी अन्य प्रसिद्ध रचनाओं में ‘पार्थो आलो’ और ‘पूर्बो-पश्चिम’ शामिल हैं.

उनके उपन्यास ‘प्रतिध्वनि’ पर महान फिल्मकार सत्य रे फीचर फिल्म भी बना चुके हैं.

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा, "सुनील गंगोपाध्याय बांग्ला के महान बुद्धिजीवियों में से एक थे. इनके निधन से बांग्ला साहित्य को अपूरणीय क्षति हुई है."

बांग्ला भाषा के जाने माने कवि और साहित्यकार नीरेंद्र नाथ चक्रवर्ती ने कहा कि मैंने अपना छोटा भाई खो दिया है.

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