हिमाचल के वीर'भद्र' को ग़ुस्सा क्यों आता है?

 बुधवार, 24 अक्तूबर, 2012 को 13:54 IST तक के समाचार

वीरभद्र सिंह कई बार हिमाचल प्रदेश के मुख्य मंत्री रह चुके हैं

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जब मीडियाकर्मियों ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में सवाल पूछे, तो तब वे नाराज़ हो गए और उनके कैमरे तोड़ने की धमकी दे डाली.

जब संवाददाताओ ने वीरभद्र सिंह से भाजपा के आरोपों के बारे में सवाल पूछे, तो वीरभद्र सिंह ने जवाब दिया, "मैं आपके कैमरे तोड़ डालूँगा. क्या आपके पास कुछ और करने के लिए नहीं है?"

यह घटना मंगलवार शाम कुल्लू जिले के अनी में हुई. अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उन्होंने कहा, "मैं इन सब मुद्दों से 4 नवंबर को चुनाव खत्म हो जाने के बाद निपटूँगा."

आय कर बचाने और जालसाजी के आरोपों को उन्होंने झूठा और काल्पनिक करार दिया. उनका कहना था कि वह हिमाचल प्रदेश चुनावों से ठीक पहले यह शरारतपूर्ण प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे.

'दुष्प्रचार'

भारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण जेटली ने आरोप लगाया था कि 2008 के बाद से उन्होंने अपने आय कर दस्तावेजों में बदलाव कर पिछली तारीख का अनुबंध पत्र दिखाने की कोशिश की है.

इन आरोपों के बाद कि वीरभद्र सिंह को एक इस्पात कंपनी से धन मिला था, उन पर सबकी निगाहें गड़ गई थी. इस बात का पता एक फ़र्म पर 2010 में मारे गए छापे के बाद चला.

जेटली पर यह आरोप लगाने के लिए हमला बोलते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार से उनका ध्यान बाँटने और मतदाताओं के मन में भ्रम फैलाने के लिए यह दुष्प्रचार किया जा रहा है.

हिमाचल प्रदेश में चार नवंबर को विधान सभा के चुनाव होने वाले हैं.

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