सन टीवी नेटवर्क की हुई हैदराबाद आईपीएल टीम

सुंदर राजन और राजीव शुक्ला
Image caption आईपीएल की नई फ्रेंचाइज़ी के लिए बीसीसीआई ने टेंडर जारी किया था

दक्षिण भारत की प्रमुख और दयानिधि व कलानिधी मारन के मालिकाना हक़ वाली सन टीवी नेटवर्क ने हैदराबाद आईपीएल टीम को खरीद लिया है.

सन टीवी नेटवर्क ने मुंबई में आईपीएल की नई फ्रेंचाइज़ी के लिए हो रही नीलामी के दौरान हैदराबाद आईपीएल टीम को खरीदा है.

मारन भाईयों ने ये डील 85.5 करोड़ रुपये प्रति साल के दर पर खरीदा है. इससे साथ ही हैदराबाद आईपीएल टीम का हैदराबाद में रहना तय हो गया है.

नीलामी के दौरान सन टीवी नेटवर्क के बाद दूसरी सबसे बड़ी रकम पीवीपी वेंचर्स ने 69.03 करोड़ रखी थी.

हैदराबाद फ्रेंचाइज़ी को सबसे पहले साल 2008 में डेक्कन क्रोनिकल्स ने 562 करोड़ रुपये में खरीदा था.

नीलामी में जेपी ग्रुप ने भी हिस्सा लिया था. नीलामी के शुरु होने के समस जेपी ग्रुप और पीवीपी वेंचर्स को सन टीवी नेटवर्क से आगे माना जा रहा था, लेकिन अंत में बाज़ी सन टीवी नेटवर्क ने मार ली.

बीसीसीआई ने नई फ्रेंचाइज़ी के लिए कुछ समय पहले ही टेंडर जारी किया था.

आईपीएल गवर्निग काउंसिल ने अपने बयान में कहा है कि सन टीवी नेटवर्क ने इस नई फ्रेंचाइजी टीम के मालिकाना हक को 85.05 करोड़ सालाना के दर पर हासिल किया है.

बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले के मुताबिक सन टीवी नेटवर्क की बोली सबसे अधिक थी, लिहाजा उसे ही इस टीम का मालिकाना हक सौंपने का फैसला किया गया.

विवाद

कुछ समय पहले डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड ने टीम के लिए नया खरीदार जुटाने के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से ये कहते हुए मदद मांगी थी कि कंपनी आर्थिक संकट से जूझ रही है और उसके पास टीम चलाने के लिए पैसा नहीं है.

टीम के भविष्य के बारे में फैसला करने के लिए चार सितंबर को नई दिल्ली में बीसीसीआई की बैठक भी हुई थी.

जिसके बाद डेक्कन चार्जर्स की मालिक कंपनी ने बीसीसीआई के साथ मिलकर टीम को नीलाम करने की घोषणा की थी.

हालांकि पहली बार हुई नीलामी के दौरान टीम के लिए लगाई गई बोली से डेक्कन क्रोनिकल्स संतुष्ट नहीं थी और उसे ठुकरा दिया था.

इस नीलामी के दौरान सिर्फ़ एक ही कंपनी पीवीपी वेन्चर्स ने बोली लगाई थी.

इसके कुछ दिनों बाद ही 15 सितंबर को बीसीसीआई ने आईपीएल फ्रैंचाइजी डेक्कन चार्जर्स का अनुबंध खत्म कर दिया था.

बीसीसीआई का ये फैसला आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक में लिया गया था. जिसके बाद बीसीसीआई ने उस पर मुहर लगाई.

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