नितिन गडकरी के साथ बीजेपी, नहीं देंगे वो इस्तीफ़ा

 शनिवार, 27 अक्तूबर, 2012 को 01:35 IST तक के समाचार
गडकरी-सुषमा-आडवाणी

भाजपा ने कहा है कि वो नितिन गडकरी के साथ है

भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी पद से इस्तीफ़ा नहीं देंगे.

पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर के मुताबिक नितिन गडकरी शुक्रवार शाम दिल्ली पहुंचे जहां पहले उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की. इसके बाद गडकरी के घर पर हुई अनौपचारिक बैठक में ये निर्णय लिया गया कि भाजपा नितिन गडकरी के साथ है और पार्टी नहीं चाहती वो इस्तीफ़ा दे.

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा, ''मीडिया में नितिन गडकरी के इस्तीफ़े को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही हैं वो गलत और बेबुनियाद हैं. गडकरी कह चुके हैं कि वो जांच के लिए तैयार हैं और इस पूरे मामले में पार्टी उनके साथ है.''

उन्होंने ये भी कहा कि नितिन गडकरी पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को हिमाचल प्रदेश के चुनावी दौरे के लिए जाएंगे.

आरोप और बचाव

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने गडकरी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. इसके बाद मीडिया में रिपोर्टें आई थी कि भाजपा अध्यक्ष की कंपनियों में जिन कंपनियों ने निवेश किया है, उनमें से कई कंपनियों का कोई अस्तित्व ही नहीं है. उन कंपनियों के जो पते दिए गए हैं वो भी सही नहीं हैं.

सरकार ये कह चुकी है कि वो इस मामले में जांच करेगी. वहीं गडकरी ने भी कहा था कि वो जांच के लिए तैयार हैं.

इससे पहले लोकसभा में पार्टी की नेता सुषमा स्वाराज और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गडकरी का समर्थन किया था.

"पर्दें की पीछे देखे तो वास्तविकता ये है कि संघ के इशारे पर ही पार्टी में एक बड़ा वर्ग गडकरी के बचाव में खुलकर सामने आया है. कुछ लोगों में दुविधा थी उन्हें प्रेरित किया है बयान देने के लिए. जो अभी भी इच्छुक नहीं है. उनपर भी दबाव डाला गया है कि वो गडकरी को समर्थन दें."

प्रदीप कौशल, वरिष्ठ पत्रकार

आडवाणी ने कहा था कि नितिन गडकरी पर जो आरोप हैं, ''वे कारोबार के मानदंडों को लेकर हैं ना कि सत्ता के दुरुपयोग या भ्रष्टाचार के.''

उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष पर जो आरोप लगे हैं, उनमें वो पाक साफ साबित हो चुके हैं.

आडवाणी ने सरकार पर आरोप लगाया कि इस तरह के आरोप सत्तारुढ यूपीए पर लगे अभूतपूर्व आरोपों को बेअसर करने के लिए लगाए जा रहे हैं.

राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ ने इस पूरे मामले पर कहा था कि ये पार्टी का अंदरुनी मामला है.

लेकिन वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप कौशल कहते हैं, "पर्दें की पीछे देखे तो वास्तविकता ये है कि संघ के इशारे पर ही पार्टी में एक बड़ा वर्ग गडकरी के बचाव में खुलकर सामने आया है. कुछ लोगों में दुविधा थी उन्हें प्रेरित किया है बयान देने के लिए. जो अभी भी इच्छुक नहीं है उनपर भी दबाव डाला गया है कि वो गडकरी को समर्थन दें."

प्रदीप कौशल का कहना है कि गडकरी के दूसरे कार्यकाल को अभी नकारा नहीं जा सकता है हालांकि अभी पार्टी के पास समय है.

नितिन गडकरी को दिसंबर वर्ष 2009 में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था और उनका कार्यकाल इस साल के दिसंबर महीने में समाप्त हो रहा है.

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