राजकोषीय घाटे को तीन फ़ीसदी तक लाने का लक्ष्य

Image caption आरबीआई की तिमाही समीक्षा से एक दिन पहले वित्त मंत्री ने जताई चिंता

वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि भारत अपने 5.8 फीसदी के राजकोषीय घाटे को 2017 तक सकल घरेलू उत्पाद के 3 फीसदी तक लाने की कोशिश करेगा.

सरकार का खर्च लगातार बढ़ रहा है और क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने भी देश की रेटिंग घटाकर 'जंक' स्तर तक पहुंचने की चेतावनी दी है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर सरकार ने खर्च में कटौती के लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए हैं.

कई वर्षों के नीतिगत आलस्य की वजह से भारत में निवेश में कमी आई है और आर्थिक विकास धीमा होकर तीन साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.

ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ऐसे आर्थिक सुधार अपनाना चाहती है जिससे आर्थिक विकास में तेज़ी आए.

आरबीआई की समीक्षा

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "जैसे ही राजकोषीय स्थिति में सुधार होगा और अर्थव्यवस्था में निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, तब उससे देश में निवेश बढ़ेगा, विकास दर में सुधार होगा, मुद्रास्फीति कम होगी और लंबी अवधि की स्थिरता हासिल की जा सकेगी."

चिदंबरम का ये बयान आरबीआई की तिमाही नीतिगत समीक्षा से एक दिन पहले आया है.

माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक मंगलवार को प्रमुख दरों में कटौती नहीं करेगा.

इससे पहले आरबीआई ने सरकार से राजकोषीय मज़बूती के उपाय अपनाने की अपील की थी.

आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव ने इस संबंध में शुक्रवार को वित्त मंत्री चिदंबरम से मुलाकात की थी.

सरकारी पैनल की चिंता

भारत का राजकोषीय घाटा 2007-2008 के 3.5 फीसदी से बढ़कर पिछले साल 5.8 फीसदी हो गया और पिछले महीने जारी एक सरकारी पैनल के अनुमान के मुताबिक मार्च 2013 तक इसके 6.1 फीसदी तक पहुंचने की संभावना है.

उधर, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने साल 2012 के लिए भारत के आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.1 फीसदी से घटाकर 4.9 फीसदी कर दिया है.

Image caption क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर ने भारत की क्रेडिट रेटिंग 'जंग' स्टेट तक पहुंचने की चेतावनी दी है.

उसी तरह क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर ने इसी महीने कहा है कि अगले दो साल में भारत की रेटिंग घटकर 'जंग' स्तर तक पहुंचने की संभावना तीन में एक की है.

इन्हीं चिंताओं के बीच वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष के अंत तक सरकार का लक्ष्य राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी तक लाने का है.

उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे में कटौती के लिए सरकारी खर्च में कठोर नियंत्रण लाया जाएगा लेकिन गरीबी उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को हानि नहीं पहुंचाई जाएगी.

पिछले ही महीने एक सरकारी पैनल ने चेतावनी दी थी कि देश रोजकोषीय रूप से एक खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है और बढ़ते राजकोषीय घाटे को नियंत्रण लाने के लिए बड़ी सब्सिडियों में कटौती करना बेहद ज़रूरी हो गया है.

सरकारी पैनल की इस चेतावनी के बाद ही सरकार ने देश की आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं.

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