मंत्रिमंडल में फेरबदल पर क्या कहते हैं अख़बार?

मनमोहन मंत्रिंमंडल में बड़ा विस्तार
Image caption इस मनमोहन मंत्रिमंडल का संभवतः आखिरी विस्तार माना जा रहा है

मनमोहन सरकार में हुए बड़े फेरबदल की सभी अखबारों में प्रमुखता से चर्चा की गई है.

राष्ट्रीय सहारा में रविवार को हुए फेरबदल को सुर्खी दी हैः फर्राटे को तैयार मनमोहन. अखबार ने ये खबर रविवार को ही हुई इंडियन ग्रां प्री से जुड़ी खबर के ठीक नीचे प्रकाशित की जिसमें जर्मन ड्राइवर सेबेस्टियन वेटल ने रेस अपने नाम की.

नवभारत टाइम्स ने भी इसी तर्ज पर खबर दी हैः फॉर्मूला 2014. अखबार का कहना है कि आम चुनाव में यूपीए को फॉर्मूला वन की स्पीड देने के मकसद से मनमोहन ने अपने कैबिनेट में जोश भरने की कोशिश की है.

खफा केजरीवाल

दैनिक जागरण ने रविवार को 22 मंत्रियों को दिलाई गई शपथ से जुड़ी खबर को शीर्षक दिया हैः सरकार ने बदला चेहरा.

अखबार में इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविंद केजरीवाल का ये बयान भी है कि “मंत्रिमंडल के फेरबदल ने सरकार के चेहरे से नकाब उतार फेंका है. भ्रष्ट मंत्रियों को न सिर्फ बचाया गया है बल्कि पुरस्कृत भी किया गया है.”

जिन मंत्रियों पर केजरीवाल का निशाना है उनमें कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे सलमान खुर्शीद भी शामिल है जिन्होंने कानून मंत्री से अब विदेश मंत्री बनाया गया है.

अंग्रेजी अखबार द हिंदू ने कहा है कि खुर्शीद को तरक्की देकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वालों को झटका दिया है.

राहुल रहे अलग

वहीं अंग्रेजी अखबार स्टेट्समैन ने इस बात को अहमियत दी है कि बड़े कैबिनेट फेरबदल में राहुल शामिल नहीं हुए. अखबार के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस बात को लेकर निराश हैं कि राहुल सरकार का हिस्सा नहीं बने.

वहीं दैनिक हिंदुस्तान ने कहा है कि राहुल की पसंद रहे आधा दर्जन युवा मंत्रियों को मिली तरक्की है. अखबार की सुर्खी हैः सरकार के नए 17 सिपहसालार.

अंग्रेजी अखबार द एशियन एज का कहना है कि भविष्य के लिए प्रधानमंत्री ने वर्तमान को बदला है.

राष्ट्रीय सहारा ने कैबिनेट में फेरबदल पर विपक्ष की निराशा को सुर्खी दी है: विपक्ष को फीका लगा फेरबदल.

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