किराए की कोख: गोरापन, सुंदरता की मांग

किराए की कोख
Image caption आम तौर पर इन महिलाओं को दी जाने वाली रकम 1.1 लाख से लेकर चार लाख रुपए होती है.

भारत में शादी के लिए तो लड़की में सुंदरता, जाति और गोरा रंग हमेशा से देखा जाता रहा है. लेकिन इन खूबियों को 'सरोगेट' यानी किराए की कोख लेते समय भी इस देश में प्राथमिकता दी जाती है.

दिल्ली के एक रिसोर्स ग्रुप 'समा' के एक सर्वेक्षण ने ये पाया है. समा के अनुसार डॉक्टरों और एजेंटों ने पुष्टि की है कि किराए की कोख चुनते समय लड़की या महिला की ऊंची जाति और उसका धर्म प्राथमिकता होती ही है. लेकिन उनका रंग-रूप भी अहमियत रखता है.

इसमें कहा गया है, ''उनके स्वास्थ्य, गोरे रंग, खूबसूरती और स्वच्छता की मांग की जाती है.''

इसके अलावा उनका पहले से मां होना भी ज़रूरी होता है जिससे यह पता चल जाता है कि वे बच्चा पैदा करने में सक्षम हैं. उनके पति की मंज़ूरी भी आवश्यक होती है.

कीमत

सरोगेट माँ को वो रकम नहीं बताई जाती, जो संतान के इच्छुक दंपत्ति असल में देने वाले होते हैं.

इस बारे में उनके एजेंट ही इस रकम को तय करते हैं. आम तौर पर इन महिलाओं को दी जाने वाली रकम 1.1 लाख से लेकर चार लाख रुपए होती है. हालांकि दिल्ली में अधिक पैसे दिए जाते हैं.

यह पैसे किस्तों में दिए जाते हैं. जैसे कुछ पैसे गर्भवती होने की पुष्टि होने पर और कुछ महीने के खर्च के तौर पर दिए जाते हैं जबकि अधिकतर रकम बच्चे के जन्म पर दिए जाते हैं.

शारीरिक संबंध

किराए की कोख लेते समय संबंधित महिला को इस जानकारी पर ज़ोर दिया जाता है कि इसमें कोई सेक्स या शारीरिक संबंध शामिल नहीं होता.

उन्हें यह भी बताया जाता है कि किस के लिए यह सबसे बड़ा तोहफा हो सकता है. इसके अलावा इस बात पर भी ज़ोर दिया जाता है कि इससे जो पैसे मिलेंगे उससे उनके परिवार को फायदा होगा.

लेकिन इसमें चिकित्सा संबंधी और इससे होने वाले संभावित खतरों की जानकारी सीमित ही दी जाती है या फिर इसे कम कर के आँका जाता है.

दोबारा से करेंगे?

अध्ययन में जिन लोगों से बात की गई उनमें से कई महिलाओं ने इसे दोबारा न करने का फैसला किया.

कुछ ने कहा कि इसमें शारीरिक संबंध शामिल नहीं है और यह भलाई का काम है और इसलिए जायज़ है.

हालांकि अधिकतर का कहना था कि अगर उन्होंने दोबारा सरोगेसी की तो वे अपनी मांगों को ज़ोरदार तरीके से रखेंगे.

इस अध्ययन के अनुसार सरोगेसी का उद्योग भारत में तेज़ी से बढ़ रहा है.

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