आरोप लगाने वाले खुद भ्रष्टाचार की दलदल में डूबे हैं: सोनिया

फ़ाइल तस्वीर, एएफपी
Image caption कांग्रेस पर आर्थिक नीतियों के मुद्दे पर हमले हुए हैं और इससे उसकी 'आम आदमी' का ध्यान रखने वाली पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है

केंद्र में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी का कहना है कि राजनीतिक दलों और व्यवस्था के दरवाजे आम आदमी के लिए बंद हैं और यदि भारत को आगे बढ़ना है तो व्यवस्था में उसकी आवाज सुनी जाए.

अपनी आर्थिक नीतियों, डीजल की कीमत में वृद्धि और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार का पक्ष दिल्ली में विशाल रैली में रखकर कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ जनता से सीधे संवाद कायम करने की कोशिश की है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्ष पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, जनता को पता चल गया है कि वो किस तरह से भ्रष्टाचार के कीचड़ में डूबे हुए हैं.

उन्होंने ये भी कहा कि निराधार आरोप लगाने वाले लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करना चाहते हैं लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी और न ही संविधान से किसी को खिलवाड़ करने की इजाजत देगी.

प्रधानमंत्री मंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियों के बारे में गलत बातें फैलाई जा रही है.

उन्होंने कहा, "आर्थिक विकास से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे लेकिन विकास के लिए जरूरी है कि विदेशी निवेश के लिए अच्छा माहौल बने. दूसरे देशों के अनुभव से ये कहा जा सकता है कि रिटेल में विदेशी निवेश से छोटा व्यापार खत्म नही होगा."

'बुनियाद कमजोर करने का प्रयास'

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का दावा था कि भारत को आधुनिक बनाने के काम कांग्रेस पार्टी ने ही किया है.

विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार करते हुए उन्होंने कहा,"कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता पर चलती है और भारत की अनेकता का सम्मान करती है. क्या इसमें कोई हमारा मुकाबला कर सकता है...जनता ने 2004 और फिर 2009 में हम पर विश्वास जताया लेकिन कुछ दलों ने इसे अब भी स्वीकार नहीं किया और इसे पचा नहीं पाए हैं. वे लोकतांत्रिक सरकार को लगातार कमजोर कर रहे हैं और जनकल्याण के कानून पारित नहीं होने देना चाहते."

बिना किसी दल का नाम लिए भ्रष्टाचार पर भाजपा पर निशाना साधते हुए सोनिया गांधी बोलीं, "ये लोग लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करने चाहते हैं लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे. हम उन्हें संविधान से खिलवाड़ करने की इजाजत हर्गिज नहीं देंगे. इसी पार्टी के लोग जो हम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे थे, अब सामने आ रहा है कि वो कैसे पूरी तरह से कीचड़ में डूबे पड़े हैं.

उनका कहना था, "मैं मानती हूँ कि भ्रष्टाचार एक कैंसर है जो गरीब आदमी को सबसे ज्यादा मारता है...हमने पहले भी इसका मुकाबला किया है और यदि किसी के खिलाफ आरोप साबित हुए तो कानून के तहत उसे बख्शा नहीं जाएगा."

दोनों राहुल और सोनिया ने आरीटीआई (सूचना का अधिकार) कानून लाने के लिए यूपीए सरकार की पीठ थपथपाई और दावा किया कि वही ऐसा कानून लाएगा जो भ्रष्टाचार खत्म करना चाहता हो. उन्होंने ये भी कहा कि लोकपाल विधेयक विपक्ष ने पारित नहीं होने दिया लेकिन उसे दोबारा लाया जाएगा.

सोनिया ने दावा किया कि कांग्रेस का दिल और नीयत साफ है और इसीलिए कांग्रसियों को किसी से नजरें चुराने की जरूरत नहीं है.

'युवा के लिए बंद दरवाजे खोलने होंगे'

राहुल गांधी ने विपक्ष पर बिना सोचे समझे केवल सरकार का विरोध करने का आरोप लगाया और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार की आर्थिक नीतियों का बचाव किया.

Image caption राहुल गांधी ने प्रभावशाली लेकिन कुछ बिखरा हुए भाषण दिया

युवाओं और आम आदमी को अपने भाषण में बार-बार संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, "विपक्ष ने बिना सोचे समझे हमारा विरोध किया है. हम आने वाले दिनों में आम आदमी के लिए खाद्य सुरक्षा मुहैया कराएँगे ताकि जो आधी रोटी खाता है उसे भरपेट खाना मिले. लोकपाल बिल फिर लाया जाएगा क्योंकि पिछली बार राज्यसभा में उसे हराकर विपक्ष के सदस्य हँस रहे थे."

राजनीतिक व्यवस्था पर बरसते हुए और काफी आत्मविश्वास भरा भाषण देते हुए राहुल ने कहा, "हमारी राजनीतिक व्यवस्था में कमी या समस्या ये है कि इसके दरवाजे कमजोर आम आदमी के लिए बंद हैं. जब राशन कार्ड बनाना हो, बच्चे को स्कूल में भर्ती करना हो, रोजगार पानी हो तो बंद सिस्टम आम आदमी को हरा देता है. पार्टियों के दरवाजे भी आम आदमी के लिए बंद पड़े हैं. युवा सपने देखता है, हमारा सिस्टम उसे ठोकर देकर गिरा देता है. कांग्रेस को ये बंद दरवाजे खोलने होंगे ताकि लाखों आम युवाओं की आवाज सुनी जाए जो हमारी रीढ़ की हड्डी है और हमें रास्ता दिखाते हैं. जब तक कांग्रेस के दरवाजे नहीं खुलते ये देश आगे नहीं बढ़ सकता...."

सत्ताधारी कांग्रेस की गतिविधियों पर नजर रखने वाले टीकाकारों का मानना है कि पार्टी केंद्रीय सरकार द्वारा लाए गए ताज़ा आर्थिक सुधारों को आम जनता को समझाने की कोशिश कर रही है और साथ ही 2014 के आम चुनावों से पहले माहौल बनाने का प्रयास कर रही है.

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