भाजपा में कलह, महेश जेठमलानी का इस्तीफ़ा

 सोमवार, 5 नवंबर, 2012 को 22:12 IST तक के समाचार

नितिन गडकरी अपने बयानों से भी विवादों में हैं. तस्वीर पीटीआई

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी पर निशाना साधते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और वकील महेश जेठमलानी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफ़ा दे दिया है.

महेश जेठमलानी का कहना है कि वो तब तक पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का हिस्सा नहीं बनेंगे जब तक गडकरी अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक महेश जेठमलानी ने एक पंक्ति की चिट्ठी में गडकरी को लिखा, "जब तक आप राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष बने रहेंगे तब तक मैं राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी में बने रहना नैतिक और बौद्धिक तौर पर सही नहीं मानता."

वहीं दो हफ्ते पहले महेश जेठमलानी के पिता और राज्य सभा में बीजेपी के सांसद राम जेठमलानी ने भी कहा था कि गडकरी को पद छोड़ देना चाहिए और दूसरी बार अध्यक्ष बनने के लिए अपना नाम नहीं देना चाहिए.

वहीं कांग्रेस की प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कई मुश्किलों से घिरी हैं लेकिन इस नए विवाद पर ये कहते हुए कोई टिपण्णी करने से इंकार किया कि ये बीजेपी का अंदरूनी मामला है.

विवादों की छाया

गडकरी भ्रष्टाचार के आरोपों और बयानबाज़ी की वजह से खबरों में बने हुए हैं.

पिछले कुछ दिनों से कथित भ्रष्टाचार के कारण विवादों में रहने वाले नितिन गडकरी एक बार फिर बयान की वजह से सुर्ख़ियों में हैं.

महिलाओं की पत्रिका ओजस्विनी के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंचे गडकरी ने कहा था कि स्वामी विवेकानंद और माफ़िया डॉन दाऊद इब्राहिम का आईक्यू एक जैसा था.

हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि दोनों का आईक्यू एक जैसे ज़रूर थे, लेकिन उनकी ज़िंदगी की दिशा अलग थी.

उनके इस बयान की चारों तरफ़ आलोचना हो रही है. भाजपा ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है और कहा है कि गडकरी ख़ुद इस पूरे मसले पर स्पष्टीकरण देंगे.

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