गडकरी पर हमले तेज़, सुषमा ने किया समर्थन

 मंगलवार, 6 नवंबर, 2012 को 16:35 IST तक के समाचार
राम जेठमलानी

राम जेठमलानी कहते हैं उन्हें बीजेपी से निकालने के लिए हिम्मत चाहिए

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ जहां पार्टी के भीतर मोर्चा खुल गया है वहीं पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने उनका समर्थन किया है.

भाजपा के चार बड़े नेताओं ने खुलकर गडकरी को अध्यक्ष पद से हटाने की हिमायत की है.

इसके बाद ये सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या नितिन गडकरी को दरवाज़ा दिखा दिया जाएगा?

जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि नितिन गडकरी को पार्टी में दूसरी बार अध्यक्ष नहीं बनाया जाना चाहिए.

लेकिन सबसे तगड़ा हमला मशहूर वकील राम जेठमलानी ने किया है.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि गडकरी को न हटाए जाने की वजह से पार्टी को पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है और इस नुकसान को फैलने से रोकना चाहिए.

उन्होंने बताया कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को इस बारे में एक चिट्ठी लिखी है.

इस बीच पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज नितिन गडकरी के बचाव में उतरी हैं.

उन्होंने टवीट् किया है, ''मीडिया में ऐसी खबरें आ रही हैं कि मैं नितिन गडकरी का समर्थन नहीं कर रही हूँ जो बिल्कुल गलत हैं. मैंने उनका हमेशा समर्थन किया है और मैं अपना समर्थन दोहराती हूँ.''

आडवाणी को चिट्ठी

नितिन गडकरी

जेठमलानी ने कहा कि उन्होंने इस सिलसिले में आडवाणी के साथ साथ गडकरी को भी चिट्ठी लिखी है, लेकिन दोनों में से किसी ने भी उनसे मुलाक़ात नहीं की.

जेठमलानी ने कहा, “अच्छा होता कि वो मुझसे मिलते.”

लेकिन अगर उनके विरोध के बावजूद गडकरी को पार्टी अध्यक्ष के तौर पर दूसरा कार्यकाल दिया जाता है तो क्या जेठमलानी पार्टी और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ देंगे?

इस सवाल पर मशहूर वकील ने कहा कि मैंने कई बार इस बारे में सोचा लेकिन फिर इस नतीजे पर पहुँचा कि मुझे देश को जवाब देना है और ऐसे मौके पर मैं अपनी जिम्मेदारी से दूर नहीं हो सकता.

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व को हँसते हुए पर खुले शब्दों में चुनौती दी, "मैं बहुत खुश होऊँगा अगर मुझे पार्टी से निकाल बाहर कर दिया जाए. लेकिन ऐसा करने के लिए किसी के पास हिम्मत होनी चाहिए."

कल ही राम जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने गडकरी के विरोध में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

उन्होंने गडकरी को लिखी चिट्ठी में कहा था, “जब तक आप अध्यक्ष हैं तब तक मेरे लिए बौद्धिक और नैतिक तौर पर पार्टी के मंच पर काम करना संभव नहीं है.”

नितिन गडकरी पिछले दिनों भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रहे हैं. इस बीच उन्होंने भोपाल में एक सभा के दौरान स्वामी विवेकानंद और अंडरवर्ल्ड माफिया दाऊद इब्राहिम की बौद्धिक क्षमता की तुलना करके अपनी स्थिति और ख़राब कर ली.

संघ का आशीर्वाद

"मैं बहुत खुश होऊँगा अगर मुझे पार्टी से निकाल बाहर कर दिया जाए. लेकिन ऐसा करने के लिए किसी के पास हिम्मत होनी चाहिए."

राम जेठमलानी, राज्यसभा सदस्य

जब से गडकरी पर अपनी कंपनी पूर्ति के ज़रिए भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे हैं तभी से उनके इस्तीफ़े की माँग भी तेज़ हो गई है.

लेकिन अभी तक भारतीय जनता पार्टी उनके साथ खड़ी नज़र आती है.

गडकरी नागपुर के रहने वाले हैं जहाँ भाजपा की मातृ संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय है. माना जाता है कि गडकरी को आरएसएस का आशीर्वाद प्राप्त है.

एक समारोह के दौरान आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने हाल ही में कहा था कि ये महत्वपूर्ण नहीं है कि आप कितना पैसा कमाते हैं, महत्वपूर्ण ये है कि उस पैसे को आप किस काम में खर्च करते हैं.

भागवत के इस बयान को गडकरी के बचाव के तौर पर देखा गया था.

लेकिन जैसे जैसे गडकरी के खिलाफ़ पार्टी के भीतर आवाज़ें तेज़ हो रही है, उसे देखते हुए ये कहना मुश्किल है कि संघ कब तक गडकरी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखेगा.

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