भारत के लिए ओबामा की जीत का मतलब?

 बुधवार, 7 नवंबर, 2012 को 15:51 IST तक के समाचार

आउटसोर्सिंग पर ओबामा की नीति पर भारतीयों की नज़र रहेगी.

अमरीका में बराक ओबामा लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति चुने गए हैं.

अब अहम सवाल है कि ओबामा की जीत पर भारत-अमरीका रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा और आम भारतीय इससे किस तरह प्रभावित होगा?

पूर्व राजनयिक टीसीए रंगाचारी मानते हैं कि ओबामा की जीत भारत के लिए अच्छा ही रहेगा.

बीबीसी हिंदी से खास बातचीत में उन्होंने कहा, "ओबामा की जीत से भारतीयों को खुशी होनी चाहिए क्योंकि उनके पहले कार्यकाल में भारत और अमरीका के रिश्ते संतोषजनक रहे हैं."

आर्थिक संबंध

आर्थिक संबंधों को लेकर भी ओबामा पर खास निगाहें होगी.

हालांकि आउटसोर्सिंग एक मुद्दा बन सकता है क्योंकि चुनाव पूर्व ओबामा इसके पक्ष में ज्यादा नहीं दिखाई दे रहे थे.

वहीं वरिष्ठ पत्रकार और टाइम्स ऑफ़ इंडिया के पूर्व संपादक इंदर मल्होत्रा भी मानते हैं कि ओबामा की जीत का वैसे तो सकारात्मक असर पड़ेगा लेकिन आउटसोर्सिंग पर वो क्या नए कदम उठाते हैं देखना होगा.

विशेषज्ञ कहते हैं पाकिस्तान में ड्रोन हमले जारी रहेंगे. तस्वीर एपी

इंदर मल्होत्रा ने कहा, "वैसे तो भारतीय मध्यम वर्ग खुश होगा लेकिन अगर किसी को एतराज़ हो सकता है तो वो है सूचना प्रौद्यौगिकी व्यवसाय. पहले ही वीज़ा की फीस बहुत ज्यादा बढ़ा दी गई है और अगर कुछ नए नियम आते हैं को आईटी इंडस्ट्री उसका स्वागत नहीं करेगी."

पाकिस्तान से रिश्ते

मल्होत्रा का कहना है कि दक्षिणी एशिया, खासकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर अमरीका की नीति ज्यादा नहीं बदलेगी.

रंगाचारी कहते हैं, "पाकिस्तान में ड्रोन हमले जारी रहेंगे, हालांकि पाकिस्तान में इस पर नाराज़गी है. वहीं अफगानिस्तान में 2014 में नेटो सैनिकों को हटाना है लेकिन अगले दो साल में देखना होगा की क्या वहां कि सेना बिना किसी मदद के तालिबान को दूर रखने में कामयाब होती है या नहीं."

वहीं इंदर मल्होत्रा कहते हैं, "ओबामा के दूसरे कार्यकाल में पाकिस्तान से रिश्ते इस बात पर निर्भर करेगा कि पाकिस्तान अमरीका की कितनी मदद करता है. अमरीका में मान्यता है कि पाकिस्तान पूरी मदद नहीं कर रहा है. अमरीका चाहता है कि हक्कानी को हटाया जाए लेकिन इस पर पाकिस्तान से पूरी मदद नहीं मिल रही है."

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