जोशे जवानी में चीन से प्राचीन

मनमोहन सिंह
Image caption मनमोहन सिंह खुद 80 साल के हैं और उनके 9 सबसे वरिष्ठ लोगों में सबसे युवा की उम्र 63 साल है

लालकृष्ण आडवाणी ने अपने 85वें जन्मदिन पर कहा कि वो अब प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं लेकिन अगर वो चीन में होते तो शायद यह सवाल दशकों पहले ही बेमानी हो जाता.

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो की स्टैंडिंग कमेटी, यानि वो संस्था जो देश की सरकार चला रही है उसके नौ में से सात सदस्य रिटायर हो रहे हैं. वजह यह कि उनकी उम्र 67 से ज़्यादा हो गई है. यह सात लोग चीन में सर्वाधिक शक्तिशाली लोगों में से एक हैं जो पिछले दस सालों से चीन को चला रहे थे.

लालकृष्ण आडवाणी ने भले ही गुरुवार को पहली बार बड़े जोर-शोर से प्रधानमंत्री पद की कथित दौड़ से अपना नाम वापस लिया है लेकिन शायद कम ही लोग इस बात पर भरोसा करेंगे कि अगर उनसे यह पद सँभालने की प्रार्थना की गई तो वह अपनी पार्टी को निराश करेंगे.

लेकिन चीन में राष्ट्रपति हू जिंताओ दस साल सत्ता सँभालने के बाद जल्द ही रिटायर हो रहे हैं.

भारत सरकार की बात करें तो 80 साल के प्रधानमंत्री मनमोहन को मिला कर सरकार के दस सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से सबसे युवा हैं गुलाम नबी आज़ाद जिनकी उम्र 63 साल है.

कहें तो कहें कैसे

ज़्यादातर भारतीय युवा नेता ऑन रिकॉर्ड इस मुद्दे पर बात करते झिझकते हैं. चौवालीस साल की उम्र में तीसरी बार झारखण्ड के मुख्यमंत्री बने अर्जुन मुंडा कहते हैं "यह सही है की भारत को बुजुर्ग नेताओं का अनुभव चाहिए लेकिन समय आ गया है की युवाओं को नए अवसर मिलें ताकि यह तो झलके कि भारत में युवाओं की बहुलता है."

पाँच बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके वैशाली से राष्ट्रीय जनता दल के सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद कहते हैं, "चीन में जनतंत्र नहीं है लेकिन भारत में जनता जिसे चुनती है वह संसद या सत्ता में आता है. यहाँ जनता मानती है कि युवाओं को लड़ने-भिड़ने के लिए संघर्ष करने के लिए ज़मीन पर रहना चाहिए और अनुभवशाली लोगों को सत्ता सौंपती है."

जब रघुवंश से पूछा गया कि अटल बिहारी वाजपेयी, जॉर्ज फर्नांडिस और एबीए अब्दुल गनी खान चौधरी जैसे नेताओं ने जब अपने आखिरी लोकसभा चुनाव लड़े तो उनकी सेहत "युवकों जैसी" नहीं थी तो प्रसाद को यह जायज़ नहीं लगा.

प्रसाद कहते हैं "सरकारी नौकर को पेंशन मिलती है ना. इसी तरह से जनता भी सोचती है कि इसने हमारी इतनी सेवा की इसे एक-दो बार संसद में और भेज दो इसका बुढ़ापा आराम से कट जाएगा इसमें गलत क्या है?"

'पार्टी बनाम व्यक्ति'

जाने माने समाजशास्त्री इम्तियाज़ अहमद कहते हैं, "चीन में पार्टी सर्वशक्तिमान है. यहाँ पार्टी नहीं आदमी केंद्र में है. इसी परिस्थिति में जिसके पास ताकत है अनुभव है वो चलता रहता है चाहे उसकी उम्र 70 साल हो या 80 साल."

भारतीय समाज में भले ही 'साठ' को 'सठियाने' से जोड़ा गया हो लेकिन भारतीय जनता मानती है की राजनेता कोई हरी सब्जी नहीं कि पुराना हो तो फेंक दिया जाये यहाँ बुजुर्ग नेता पुराना चावल है जो जितना पुराना होगा उतना महकेगा.

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