विजय माल्या को मिला डिआजियो का सहारा

  • 9 नवंबर 2012
विजय माल्या
Image caption इस करार से किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज से उबरने में मदद सकती है.

शराब बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी ब्रितानी कंपनी डियाजियो ने शुक्रवार को घोषणा की है कि वो विजय माल्या की यूनाइटेड स्पिरिट्स की 53.4 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी.

डियाजियो इसके लिए यूनाइटेड स्पिरिट्स को 11,166.5 करोड़ रूपए का भुगतान करेगी. किंगफिशर एअरलाइंस के संकट से जूझ रहे विजय माल्या को इससे बड़ी राहत मिल सकती है.

एक साझा बयान में डियाजियो ने कहा है कि इस बाबत उसने यूनाइटेड ब्रेवरीज़ और यूनाइटेड स्पिरिट्स के साथ एक करार किया है जो भारत में शराब बनाने वाली बड़ी कंपनी है.

विजय माल्या फिलहाल यूनाइटेड स्पिरिट्स और यूनाइटेड ब्रेवरीज़ के अध्यक्ष हैं. करार होने के बाद भी वे इस पद पर बने रहेंगे.

शेयरों में उछाल

समाचार एजेंसियों के मुताबिक, डियाजियो और यूनाइटेड स्पिरिट्स के बीच करार होने की खबर मिलते ही किंगफिशर एअरलाइन के शेयरों में उछाल आया है.

विश्लेषकों का कहना है कि इस करार से जहां किंगफिशर एअरलाइंस को कर्ज से उबरने में मदद मिलेगी, वहीं इससे डियाजियो को भारत में अपना कारोबार बढ़ाना आसान होगा.

भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पिछले महीने ही सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर किंगफिशर एअरलाइंस का लाइसेंस निलंबित कर दिया था.

रिपोर्टों के मुताबिक विजय माल्या की कंपनी लगभग 8,000 करोड़ रुपए के घाटे में है. साथ ही कंपनी पर 7,500 करोड़ से ज्यादा का कर्ज है जिसके भुगतान के लिए जनवरी से कंपनी ने कोई कदम नहीं उठाए हैं.

एअरलाइंस के पास अभी 10 विमान हैं जबकि एक साल पहले उसके पास 66 विमान थे.

किंगफ़िशर एअरलाइंस साल 2005 में शुरू हुई थी मगर तब से अब तक उसने कभी मुनाफ़ा दर्ज नहीं किया.

लंबे समय से किंगफ़िशर की माली हालत काफ़ी ख़राब रही है. किंगफिशर ने हमेशा कहा कि वो एअरलाइंस को जारी रखने का इच्छुक है लेकिन आलोचक किंगफिशर के दावों को गलत बताते रहे हैं.

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