तमिलनाडु में जातीय हिंसा, डेढ़ सौ घर जले

 शुक्रवार, 9 नवंबर, 2012 को 12:40 IST तक के समाचार
धर्मपुरी हिंसा

अंतरजातीय विवाह को लेकर भड़की हिंसा

तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले में एक जातीय हिंसा के दौरान करीब डेढ़ सौ घरों को आग लगा दी गई.

द हिन्दू अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार रात कथित तौर पर उच्च जाति के लोगों ने दलितों के तीन गाँवों पर अचानक धावा बोल दिया और 148 घरों को आग के हवाले कर दिया.

खबरों के मुताबिक करीब 2500 लोगों के इस झुंड ने वानियार समुदाय के उस व्यक्ति को आत्म हत्या के लिए भी उकसाया जिसकी बेटी ने हाल ही में कथित तौर पर दलित समुदाय के लड़के से शादी कर ली थी.

बताया गया है कि नागराजन नाम के इसी व्यक्ति की बेटी ने एक दलित लड़के से शादी कर ली थी. वानियार समुदाय के लोगों ने नागराज पर अपनी बेटी को वापस बुलाने का दबाव डाला और जब उसने मना कर दिया तो उसे काफी प्रताड़ित किया गया.

अखबार ने लिखा है कि मजबूर होकर नागराज ने आत्म हत्या कर ली और बाद में वानियार समुदाय के लोगों ने इसी घटना की प्रतिक्रिया में आगजनी को अंजाम दिया.

अंतरजातीय विवाह

खबरों के मुताबिक जी नागराज की बेटी ने करीब एक महीने पहले इलावरासन नाम के एक दलित लड़के से मंदिर में शादी कर ली थी.

लेकिन लड़की के समुदाय के लोगों की धमकियों को देखते हुए दोनों ने पुलिस उप महानिरीक्षक के यहां सुरक्षा की अपील की.

पुलिस के सुरक्षा देने के आश्वासन के बावजूद स्थानीय ‘कंगारू’ अदालत ने फैसला सुनाया कि दलित लोग नागराजन की बेटी को वापस भेज दें. लेकिन नागराजन की बेटी ने वापस जाने से मना कर दिया.

खबरों में कहा गया है कि घटना के समय करीब तीन सौ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे लेकिन वो दंगाइयों को रोकने में नाकाम रहे.

धर्मपुरी की पुलिस अधीक्षक असरा गर्ग ने इस बात की पुष्टि की है कि नायक्कनकोट्टी गाँव में चार दिन पहले कंगारू कोर्ट लगी थी. उनके मुताबिक पुलिस दोषियों की खोज में पूरी ताकत से लगी है.

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.