मोदी के ख़िलाफ़ आरएसएस नेता ने खोला मोर्चा

 सोमवार, 12 नवंबर, 2012 को 17:45 IST तक के समाचार
 नरेन्द्र मोदी

नरेन्द्र मोदी का आरएसएस का रिश्ता बहुत सहज नहीं रह गया है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े बुद्धिजीवी एमजी वैद्य ने कहा है कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी विवाद के पीछे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के होने की संभावना है.

रविवार को प्रकाशित अपने निजी क्लिक करें ब्लॉग में वैद्य ने लिखा- विरोधी पार्टिंयॉं और मुख्यत: कांग्रेस को, गडकरी भ्रष्टाचारी है, यह दिखाने में इसलिए दिलचस्पी है कि, ऐसा कर उन्हें भाजपा भी उनकी ही पार्टी के समान भ्रष्टाचार में सनी पार्टी है, यह लोगों के गले उतारना है. जिससे 2014 के लोकसभा के चुनाव में, भाजपा की ओर से कांग्रेस के भ्रष्टाचारी चरित्र की जैसी चीर-फाड़ किए जाने की संभावना है, उसकी हवा निकल जाय. पार्टी के अंदर जो विरोध है, उसका केंद्र गुजरात में है. क्लिक करें नरेन्द्र मोदी को लगता होगा कि गडकरी पार्टी अध्यक्ष होगे, तो उनकी प्रधानमंत्री बनने की महत्त्वाकांक्षा पूरी नहीं होगी."

आम सवाल

"नरेन्द्र मोदी को लगता होगा कि गडकरी पार्टी अध्यक्ष होगे, तो उनकी प्रधानमंत्री बनने की महत्त्वाकांक्षा पूरी नहीं होगी. वे यह भी दिखाना चाहते होगे कि, संजय जोशी के मामले में जैसा वे गडकरी को झुका सके, उसी प्रकार इस बारे में भी उन्हें हतप्रभ कर सकते है"

एम जी वैद्य

एमजी वैद्य केवल यहाँ ही नहीं रुके उन्होंने मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए आगे लिखा है, "नरेंद्र मोदी को लगता होगा कि गडकरी पार्टी अध्यक्ष होगे, तो उनकी प्रधानमंत्री बनने की महत्त्वाकांक्षा पूरी नहीं होगी. वे यह भी दिखाना चाहते होगे कि, क्लिक करें संजय जोशी के मामले में जैसा वे गडकरी को झुका सके, उसी प्रकार इस बारे में भी उन्हें हतप्रभ कर सकते है."

उन्होंने कहा कि उन्होंने जो सवाल उठाया है वो भाजपा के कई कार्यकर्ताओं के मन में है.

वैद्य के ब्लॉग से उठे बवाल के चलते क्लिक करें आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी ने बाकायदा बयान जारी कर के कहा कि वो वैद्य के ब्लॉग से ज़रा भी सहमत नहीं हैं.

एमजी वैद्य भी अपने बयान पर कायम हैं और विवाद के बाद उन्होंने बस इतना कहा, "अगर राम जेठमलानी को निजी राय रखने का हक़ है तो मुझे भी है."

वैद्य ने अपने ब्लॉग में कहा है कि भाजपा से राज्य सभा सदस्य राम जेठमलानी ने केवल गडकरी को आहत करने के लिए गलत ढंग से उनके इस्तीफे की मांग की है.

असहज रिश्ता

"अगर राम जेठमलानी को निजी राय रखने का हक़ है तो मुझे भी है"

एमजी वैद्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भले ही वैद्य के इस बयान को निजी राय बताया हो लेकिन इस ताज़ा बयान से इस संदेह को बल मिलता है कि मोदी और आरएसएस के बीच में खटास आती जा रही है.

वैसे नरेंद्र मोदी के कद के चलते शायद यह बेमानी हो लेकिन गुजरात चुनाव के पहले इस तरह के संकेत आना भाजपा के किले में सेंध भले ना लगा पाए लेकिन वहां मौजूद असंतोष को तो सार्वजानिक तो करता ही है.

पिछले महीने नरेंद्र मोदी के शत्रु समझे जाने वाले और उनके कारण पार्टी से निकाले गए संजय जोशी ने भी गुजरात में दौरा कर के भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात कर के मोदी समर्थकों में असहजता फैला दी थी.

संजय जोशी के भाजपा में होने या ना होने पर कोई शक हो सकता है लेकिन उनके आरएसएस के स्वयंसेवक होने पर कोई शक नहीं है.

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.