नक्सली हमला: पुलिस वालों के पास थीं पुरानी बंदूकें

माओवादी हमला
Image caption कैदियों को अदालत से जेल ले जाते समय से हमला किया गया

झारखंड सरकार ने गिरिडीह जिले में माओवादियों द्वारा पुलिस के वाहन पर हमला कर अपने आठ साथियों को छुड़ाने की घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. शुरुआती जांच बताती है कि पुलिसकर्मियों के पास पुराने हथियार थे.

मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि घटना की जिम्मेदारी फौरन तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.

शुक्रवार की शाम कैदियों को अदालत से वापस जेल जाते समय पुलिस के वाहन पर माओवादियों ने जिले के बेंगाबाद इलाके में हमला किया था.

इस हमले में एक कैदी सहित चार लोग मारे गए थे जबकि छह कैदी घायल हुए थे. सबसे पहले माओवादियों ने बारूदी सुरंग का विस्फोट किया था और फिर पुलिस के वाहन पर हमला कर दिया.

'खतरनाक माओवादी'

पुलिस का कहना है कि अपने जिन आठ साथियों को माओवादी छुड़ा कर ले गए हैं उनमे से कुछ चिलखारी नरसंहार के आरोपी भी हैं जिसमे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के बेटे सहित 20 लोग मरे गए थे.

कहा जा रहा है कि इस हमले को माओवादियों के स्थानीय दस्ते ने अंजाम दिया है.

गिरिडीह की जेल में लगभग 50 माओवादी हैं जिनमें से पुलिस का कहना है कि 20 बहुत ही खतरनाक या संगठन में बड़ा ओहदा रखे वाले नेता हैं.

इनमें पोलित ब्यूरो के सदस्य नारायण सान्याल भी बताए जाते हैं. घटना के बाद सान्याल को गिरिडीह की जेल से स्थानांतरित कर दिया गया है.

पुराने हथियार

Image caption माओवादी अकसर सुरक्षा बलों को निशाना बनाते रहे हैं

रांची में पत्रकार विजय देव झा का कहना है कि पुलिस मुख्यालय में घटना को लेकर काफी गहमा गहमी है क्योंकि सभी इसे सुरक्षा की बड़ी चूक मान रहे हैं.

खास तौर पर इसलिए भी क्योंकि प्राथमिक जांच में जो बातें सामने आई हैं उनसे पता चलता है कि कैदियों के वाहन को जो पुलिसकर्मी लेकर जा रहे थे उनके पास पुरानी बंदूकें थीं जिससे वो हमले की सूरत में माओवादियों का मुकाबला नहीं कर पाए.

घटना के बाद केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ की छह कंपनियों को गिरिडीह भेजा गया है और अधिकारियों का कहना है की इन्हें इलाके में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में लगाया गया है.

यह पहला मौका नहीं है जब माओवादियों ने संगठित होकर इस इलाके में बड़ी घटना को अंजाम दिया हो. इससे पहले लगभग कुछ इसी तरह माओवादियों नें गृह रक्षा वाहिनी के जिला मुख्यालय पर हमला कर वहां से बड़ी संख्या में हथियार लूट लिए थे.

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