सू ची भारत में अपने कॉलेज जाएँगी, नेताओं से मिलेंगी

Image caption सू ची ने स्कूल और कॉलेज की शिक्षा भारत में प्राप्त की थी

भारत में कई वर्ष रहकर पढ़ाई कर चुकी, बर्मा की विपक्षी नेता आंग सान सू ची मंगलवार को दशकों बाद भारत आ रही हैं.

वो 13 से 18 नवंबर तक भारत में रहेंगी. इस दौरान वो भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगी.

बुधवार को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती के मौके पर सू ची जवाहरलाल मेमोरियल लेक्चर देंगी.

इसी साल मई में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जब बर्मा की यात्रा पर गए थे तो उन्होंने नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी की नेता सू ची को अगला जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल लेक्चर देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तरफ़ से औपचारिक न्योता दिया था.

सू ची को 1993 में जवाहरलाल नेहरू अवॉर्ड फॉर इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग से सम्मानित किया गया था. उस समय वो बर्मा की सैनिक सरकार द्वारा अपने घर में नज़रबंद रखी गई थीं.

अपनी भारत यात्रा के दौरान सू ची देश कई अन्य नेताओं से भी मुलाक़ात करेंगी और लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार से मिलने संसद भवन जाएंगी. शुक्रवार को दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज में उन्हें सम्मानित किया जाएगा जहां से उन्होंने राजनीति विज्ञान में अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की थी. वहां वो कॉलेज की प्रिंसिपल, छात्रों और अन्य शिक्षकों से मुलाकात करेंगी.

इसके अलावा सू ची भारत के आईटी शहर बैंगलोर जाएंगी. महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास का जायज़ा लेने के लिए उनका आंध्र प्रदेश के दो गांवों में जाने का भी कार्यक्रम है.

भारत में निवास

Image caption भारत यात्रा के दौरान सू ची प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगी

सू ची 60 के दशक की शुरुआत में भारत में अपनी मां खिन की के साथ रहती थीं जो उस समय भारत में बर्मा की राजदूत थीं.

उस दौरान वो अकबर रोड के उसी घर में रहती थीं जहां आज कांग्रेस पार्टी का दफ्तर है.

बर्मा की सैनिक सरकार से लोहा लेनेवाली सू ची ने दिल्ली के जीसस एंड मैरी कॉन्वेंट में स्कूली शिक्षा ली थी और उसके बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज में दाखिला लिया था.

उसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी चली गई थीं.

इस बीच शिमला के 'इंडियन इन्टीट्यूट ऑफ़ एडवान्स्ड स्टडीज़' में भी उन्होंने दो साल तक अध्ययन किया था.

अपनी छह दिन की भारत यात्रा के बाद आंग सान सू ची अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से मुलाकात के लिए बर्मा रवाना हो जाएंगी.

दूसरी बार अमरीका का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद बराक ओबामा अपनी पहली विदेश यात्रा पर बर्मा पहुंचने वाले हैं.

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