कारोबारी पॉन्टी चड्ढा और भाई की हत्या

  • 17 नवंबर 2012
Image caption पोंटी चड्ढा की गिनती शराब के बड़े कारोबारियों में होती थी

शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा और उनके भाई की दिल्ली में हुई गोलीबारी में मौत हो गई है. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है.

कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने दिल्ली के पास छतरपुर फार्म हाउस में पोंटी चड्ढा को गोली मारी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दोनों भाइयों की पक्ष की ओर से गोलीबारी की गई. पारिवारिक संपत्ति को लेकर भाइयों में विवाद बताया जाता है. पीटीआई के अनुसार 55 साल के पॉन्टी और उनके भाई के संबंध अच्छे नहीं थे और संपत्ति विवाद के निपटारे के लिए ही दोनों की मुलाकात हो रही थी.

पोंटी चड्ढा की गिनती उन व्यापारियों में से हैं जो बहुत साधारण आर्थिक हैसियत से उठकर अरबों-खरबों रुपये के कारोबार के मालिक बने.

कहा जाता है कि गुरदीप सिंह उर्फ पोंटी चड्ढा पहले अपने पिता के साथ अपने गृह नगर मुरादाबाद में एक देशी शराब के ठेके के सामने ठेला लगाते थे.

बाद में उनके पिता को शराब की दुकान का लाइसेंस मिल गया. और इसके बाद पोंटी चड्ढा अधिकारियों और नेताओं की मदद से शराब के एक बड़े व्यापारी बन गए.

ठेला लगाते थे कभी

बताया जाता है कि भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी, सभी पार्टी के नेताओं की मदद से पोंटी चड्ढा ने अपने कारोबार को बढ़ाया.

उत्तर प्रदेश में पिछली मायावती सरकार में पोंटी चड्ढा का कारोबार तेज रफ्तार से बढ़ा. उन्हें पूरे उत्तर प्रदेश में शराब के व्यापार पर एकाधिकार मिल गया.

मायावती सरकार पर सरकारी चीनी मिलें पोंटी चड्ढा को औने-पौने दाम पर बेचने के आरोप लगते रहे हैं.

यही नहीं, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के आसपास की बेशकीमती जमीनें उनकी कंपनियों को दे दी गईं.

कुछ महीने पहले नोएडा में पोंटी चड्ढा की वेव मेगा सिटी सेंटर परियोजना का काम रोके जाने के आदेश आया था. इससे औद्योगिक, प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्रों में भी हलचल मच गई थी.