सोशल मीडिया पर छाई कसाब की फांसी

मोबाइल पर ट्वीटर
Image caption मुंबई हमलों के दोषी अजमल कसाब को फांसी लगने की खबर आते ही सोशल नेटवर्किंग साइटों पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरु हो गईं.

मुंबई हमलों के दोषी आमिर अजमल कसाब को बुधवार सुबह पुणे के यरवडा जेल में फांसी लगने के साथ ही सोशल नेटवर्किंग साइटों पर इस बारे में आमो-खा़स, सभी की प्रतिक्रिया आनी शुरु हो गई.

माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कसाब और इस मामले से जुड़े कई और लोग और विषय ट्रेंड कर रहे हैं.

कसाब के अलावा संसद भवन पर हमले के दोषी अफ़ज़ल गुरु, कसाब को फांसी की घोषणा करने वाले महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल, भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पुणे और पाकिस्तान ट्विटर ट्रेंड्स में शीर्ष पर हैं.

कहीं इस फैसले के लिए सरकार की पीठ ठोंकी जा रही है तो कहीं इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्लाह ने ट्वीट किया है, “कहना होगा कि केंद्र और राज्य सरकार ने इस मुद्दे को काफ़ी परिपक्व तरीके से संभाला है. ये दिखाता है कि ज़रूरत पड़ने पर हम भी बातें गुप्त रख सकते हैं.”

कुछ ऐसा ही ट्वीट है दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी के राज्य मंत्री मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट किया है, “ये दक्षिणपंथियों के “कांग्रेस आतंकवाद के मुद्दे पर नरम है” बहस का जवाब है. सरकार के फैसले की वजह से आज मैं एक गर्व महसूस कर रहा हूं.”

वहीं ट्विटर पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है, “लोकतंत्र के मंदिर, संसद पर वर्ष 2001 में हमला करने वाले अफ़ज़ल गुरु का क्या होगा? ये जुर्म कसाब के जघन्य अपराध से भी कई साल पहले हुआ था.”

सवाल

लेकिन कुछ लोग इस फैसले पर सवाल भी उठा रहे हैं. अस्मा रिज़वान ने ट्वीट किया है, “क्या कसाब को फांसी लगाने से 26/ 11 के पीड़ितों को शांति मिल जाएगी? उनका संघर्ष और वेदना पूरी ज़िंदगी रहेगी.”

कराची, पाकिस्तान की युसरा अस्करी ने ट्वीट किया है, “प्रिय भारत, अब बारी है उन लोगों की जो समझौता एक्सप्रेस पर हमले के लिए ज़िम्मेदार थे जिसमें 68 पाकिस्तानी नागरिक मारे गए थे.”

कसाब को फांसी लगाए जाने के फैसले के बारे में बीबीसी हिंदी के फेसबुक पेज पर इस मुद्दे पर विवेक और समझदारी बनाए रखने की बात करते हुए सावन राज ने लिखा है, “अब हमें इस पर किसी राजनीति से बचना चाहिए.”

संबंधित समाचार