लाजपत नगर धमाके के आरोपी हाईकोर्ट ने किए बरी

दिल्ली हाई कोर्ट
Image caption मई 21, 1996 को दिल्ली के लाजपत नगर बाज़ार में हुए एक बड़े धमाके में 13 लोग मारे गए थे.

दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 1996 में लाजपत नगर में हुए बम धमाके के मामले में दो अभियुक्तों को बरी कर दिया है और एक की मौत की सज़ा को आजीवन कारावास में बदल दिया है.

मई 21, 1996 को दिल्ली के लाजपत नगर बाज़ार में हुए एक बड़े धमाके में 13 लोग मारे गए थे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जेकेआईएफ संगठन के कथित चरमपंथी मोहम्मद अली भट और मिर्जा निसार हुसैन को बरी करने का आदेश देते हुए हाई कोर्ट के जस्टिस रविंद्र भट्ट और जस्टिस जीपी मित्तल ने दिल्ली पुलिस की 'जांच में खामियों' के लिए आलोचना भी की.

दोनों आरोपियों मोहम्मद अली भट और मिर्जा निसार हुसैन को निचली अदालत से मौत की सज़ा मिली थी.

क्या है फैसला

हाई कोर्ट ने मोहम्मद नौशाद की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने का आदेश भी दिया.

जावेद अहमद खान उर्फ छोटा की उम्रकैद की सज़ा बरकरार रखी गई है.

गौरतलब है कि निचली अदालत ने इस मामले में तीन आरोपियों को मौत की सजा दी थी जबकि एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस न्यूनतम स्तर की जांच रिपोर्ट भी पेश करने में असफल रही है.

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