भाजपा ने जेठमलानी को जारी किया कारण बताओ नोटिस

नितिन गडकरी
Image caption जेठमलानी ने नितिन गडकरी का इस्तीफे की माँग की थी.

भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने पार्टी के सदस्य राम जेठमलानी के निलंबन को उचित ठहराते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस देने का फैसला किया है.

उन्हें दस दिन के अंदर ये बताना होगा कि क्यों न उन्हें पार्टी से छह सालों से बर्खास्त किया जाए.

संसदीय बोर्ड के सचिव अनंत कुमार ने सोमवार की बैठक के बाद ये जानकारी दी. भाजपा से अनुशासनहीनता के लिए राम जेठमलानी को पहले ही निलंबित किया गया था.

पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी का इस्तीफा माँगने और सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति को सही ठहराने वाले भाजपा सदस्य और मशहूर वकील राम जेठमलानी को पार्टी से निलंबित किया गया था.

चुनौती

जेठमलानी ने रविवार को चुनौती दी थी कि पार्टी में किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके.

हालांकि ऐसी अटकलें कि शत्रुघ्न सिन्हा और यशवंत सिन्हा जैसे नेताओं पर भी कोई कार्रवाई हो सकती है गलत साबित हुईं.

अनंत कुमार ने कहा कि ये बैठक केवल जेठमलानी के बारे में थी. इस बीच अपने निलंबन के फैसले पर जेठमलानी ने कहा, ''मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.''

जेठमलानी ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी को एक और पत्र लिखा है लेकिन उन्होंने इस पत्र का विवरण फिलहाल देने से इनकार कर दिया.

क्या कहते हैं विश्लेषक

बीजेपी में जो हो रहा है इस पर पार्टी की वरिष्ठ पत्रकार सीमा मुस्तफा का मानना है कि जेठमलानी को तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन पार्टी की हालत काफी खराब हो गई है.

उन्होंने कहा, ''बीजेपी की हालत ये है कि सभी गुट उभर के सामने आ रहे हैं. पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी का पार्टी पर कोई नियंत्रण नहीं है. ''

उन्होंने आगे कहा, ''जैसाकि एक लीडर को करना होता है वो सबको समेट कर नहीं रख पा रहे हैं. हर कोई व्यक्ति नेता बन गया है. जो पहले कांग्रेस का हाल था वो अब बीजेपी का हो गया है.''

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