मैं नहीं भूल सकता उन हमलों को

मुंबई
Image caption बंदूक़धारियों का हमला तीन दिनों तक जारी रहा जिसमें 166 लोगों की जानें गईं.

मुंबई चरमपंथी हमलों को चार साल पूरे हो गए हैं लेकिन मेरे दिमाग़ में ये हमले आज भी ताज़ा हैं.

इससे पहले मैंने भारत में कई चरमपंथी हमलों की रिपोर्टिंग की थी लेकिन ये उन सब से अलग था.

मुंबई की पांच जानी मानी जगहों पर एक साथ हमले करना और फिर तीन दिनों तक पुलिस और सुरक्षाबलों का डटकर मुकाबला करने की क्षमता रखना इस बात का सबूत था कि इसकी योजना काफी सोच समझ कर बनाई गई थी. साथ ही ये कि इन बंदूकधारियों को बढ़िया ट्रेनिंग दी गई थी.

सफ़ेद रूमाल

तीन दिनों तक जारी रहा ये ख़ूनी खेल मैं कभी नहीं भूल सकता.

मुझे याद है छत्रपति शिवाजी रेलवे स्टेशन पर पड़ी लाशें. दक्षिण मुंबई में लोगों के चेहरों पर दहशत और भय को भूलना आसान नहीं होगा.

Image caption हमलों में सैंकड़ों लोग घायल हुए थे.

मैं ट्राइडेंट होटल के कमरों की खिड़कियों से बंधकों का सफ़ेद रुमाल लहरा कर पुलिस का ध्यान आकर्षित करना कभी नहीं भूल सकता.

या फिर तनखैया परिवार के उस 10 साल के बच्चे की प्रतिक्रिया जो ताज महल होटल में अपने माता-पिता से बिछड़ गया था और होटल के रिसेप्शन के निकट खड़ा बंदूकधारियों को गोली चलाते देख रहा था. शायद उसे अहसास हुआ हो कि वो कोई विडियो गेम देख रहा है.

मैं ये भी नहीं भूल सकता जब मैंने हमलों के दो घंटे बाद पुलिस के वायरलेस सेट पर सुना कि आतंकवाद निरोधी दस्ते के मुख्य हेमंत करकरे समेत पांच पुलिस वाले मारे गए हैं.

उसी शाम सात बजे मैंने अपने दफ्तर से उन्हें फोन किया था तो उन्होंने कहा था वो मीटिंग में हैं बाद में फोन करो.

दोस्तों की फ़िक्र

किसे पता था कुछ घंटों बाद वो इस दुनिया में ही नहीं रहेंगे?

इस दुखद समय में हमारे दोस्त, हमारे रिश्तेदार और हमारे दफ्तर के साथी हमारे लिए बहुत चिंतित थे. ये हमेशा याद रहेगा.

अगले दिन मैंने अपने फोन पर और ईमेल में 400 से अधिक मेसेजेज़ पढ़े जो दुनिया के कई देशों से भेजे गए थे.

Image caption पुलिस को एक साथ कई जगहों पर हमलों का सामना करना पड़ा.

मुंबई हमलों के एक अभियुक्त का मुक़दमा अमरीका के शिकागो शहर में चल रहा है. पिछले साल जब मुक़दमा शुरू हुआ थ तो मैं वहां मौजूद था.

हमलों के एक अहम अभियुक्त डेविड हेडली अमरीका की हिरासत में थे और अदालत में एक सरकारी गवाह की तौर पर पेश हो कर अपनी गवाही दे रहे थे.

वहां भारतीय सरकार के आरोप की उस समय पुष्टि हो गई जब हेडली ने गवाही के दौरान कहा कि इस साज़िश के तार पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैं.

उन्होंने हमलों की साज़िश कई साल से चलने (2006) और इसका हिस्सा होने की बात भी स्वीकार की.

पिछले 10 सालों में न्यूयॉर्क, मेड्रिड, लंदन और बाली में सब से खतरनाक आतंकी हमले हुए हैं लेकिन मुंबई में हुए हमले लगातार तीन दिनों तक जारी रहे और उन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता.

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