एफ़डीआई: गतिरोध ख़त्म, नियम 184 के तहत बहस

भारतीय संसद
Image caption एफ़डीआई के मुद्दे पर पिछले चार दिन से संसद में कोई काम नहीं हो पा रहा था

खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(एफ़डीआई) के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध समाप्त हो गया है.

प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की मांग पर नियम 184 के तहत संसद में बहस कराने के लिए सरकार तैयार हो गई है.

लोकसभा में नियम 184 के तहत और राज्यसभा में नियम 168 के तहत बहस होगी. इसका अर्थ ये है कि बहस के बाद सदन में वोटिंग भी होगी.

लोकसभा में अध्यक्ष मीरा कुमार ने गुरुवार को इसकी घोषणा की. लोकसभा में बहस चार और पांच दिसंबर को होगी.

गुरुवार को लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होने से पहले अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि खुदरा व्यापार में एफ़डीआई पर उनके पास नियम 184 के तहत बहस कराने के लिए 30 नोटिस आ चुके हैं.

ग़ौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सदन में बहस के बाद वोटिंग के प्रावधान वाले नियम 184 के तहत इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने के लिए नोटिस दिया था.

आंकड़ों को लेकर यूपीए-2 सरकार आश्वस्त थी लेकिन उसने इसका फ़ैसला लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार पर छोड़ दिया था. जब तक सरकार संख्या को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थी वो इसके लिए तैयार नहीं थी.

लेकिन डीएमके के साथ आने और समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी से समर्थन के संकेत मिलने के बाद सरकार वोटिंग वाले प्रावधान के तहत बहस कराने के लिए तैयार हो गई.

लोकसभा अध्यक्ष ने अपना फ़ैसला सुनाते हुए कहा, ''मैं खुदरा क्षेत्र में एफ़डीआई पर नियम 184 के तहत चर्चा कराए जाने की अनुमति देती हूं.''

हालाकि पहले मीरा कुमार ने कहा था कि बहस के दिन और समय की घोषणा बाद में की जाएगी.

विपक्ष का धन्यवाद

इसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने लोकसभा अध्यक्ष को भाजपा के प्रस्ताव को अनुमति देने के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें संसद के सुचारु संचालन का आश्वासन दिया.

सुषमा ने कहा, ''प्रस्ताव को अनुमति देने के लिए मैं आपको धन्यवाद देती हूं और आश्वासन दिलाती हूं कि अब सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलेगी.''

संसद का शीतकालीन सत्र 22 नवंबर को शुरू हुआ था, लेकिन विपक्ष खुदरा क्षेत्र में एफ़डीआई पर वोटिंग के प्रावधान वाले नियम के तहत ही चर्चा कराए जाने की अपनी मांग पर अड़ा था, जिसके कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार बाधित होती रही थी.

उधर, राज्यसभा में भी इस मुद्दे पर जारी गतिरोध समाप्त हो गया है.

राज्यसभा के चेयरमैन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने नियम 168 के तहत बहस कराने की विपक्ष की मांग स्वीकार कर ली है. राज्यसभा में बहस की तारीख़ अभी तय नहीं हुई है.

हालाकि इससे पहले राज्यसभा में काफ़ी हंगामा हुआ.

गुरूवार को जैसे ही सदन की कार्वाई शुरू हुई विपक्षी सांसदों ने अपनी मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया.

हंगामे के चलते राज्यसभा को पहले 12 बजे तक के लिए और फिर शुक्रवार तक के लिए स्थगित करना पड़ा.

इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी का रूख़ चौंकाने वाला है. उसने कहा कि लोकसभा में वोटिंग के दौरान सरकार का साथ देगी लेकिन राज्यसभा में वो सरकार के ख़िलाफ़ वोटिंग करेगी.

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