महंगा पड़ा दोस्त के प्रेम का बचाव करना

 रविवार, 9 दिसंबर, 2012 को 15:17 IST तक के समाचार

अजय सिंह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं.

मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक लड़की से अपने दोस्त की दोस्ती का बचाव करना एक विकलांग व्यक्ति को महंगा पड़ गया है. पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक लड़की के चाचा देवेंद्र सिंह वैदेही और दो अन्य लोगों ने शनिवार को पहले विकलांग अजय सिंह राजपूत के घर में तोड़फोड़ की और फिर उनके एकमात्र पैर को कार से बांध कर बाज़ार में क़रीब 300 मीटर तक घसीटा.

पुलिस ने लड़की के चाचा देवेंद्र सिंह वैदेही और दो अन्य लोगों संजू सेन और अनिल गिरफ्तार कर लिया है.

थाना प्रभारी जेबीएस चंदेल ने बताया कि, "देवेंद्र सिंह वैदेही, संजय और अजय सिंह राजपूत आपस में दोस्त थे. संजय का वैदेही की भांजी से प्रेम हो गया. ये मानते हुए कि वैदेही कभी इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करेंगे, अजय ने कथित तौर पर वैदेही को धमकाने की कोशिश की. इस बात से नाराज़ वैदेही ने पहले अजय सिंह राजपूत के घर में तोड़फोड़ की और फिर उनके एकमात्र पैर को कार से बांध कर घसीटा."

इस घटना में बुरी तरह ज़ख्मी हुए अजय सिंह राजपूत को शहर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कार के पीछे घसीटे जाने से उनके कूल्हे का मांस पूरी तरह निकल गया है और उनके एकमात्र स्वस्थ पैर के भी बेकार होने की आशंका जताई जा रही है.

दोस्ती की क़ीमत

"उनलोगों ने मेरे खिलाफ़ पुलिस में शिकायत कर दी थी. मुझे जब पुलिस थाने में पेश होना ही था तो मैंने सोचा कि फ्री में क्यों पेश हुआ जाए. अजय मुझे दिख गया तो मैंने उसे कार में बांध कर घसीट दिया"

देवेंद्र सिंह वैदेही, आरोपी

अजय पेशे से ड्राइवर थे. दो साल पहले एक हादसे की वजह से उनका दायां पैर ख़राब हो गया और उनकी नौकरी भी जाती रही.

इस कठिन घड़ी में उनके दोस्त संजय ने उनकी पूरी मदद की थी. और जब संजय को वैदेही की भांजी की से प्रेम हो गया और उन्होंने उसके शादी करने का फैसला किया तो अजय ने उनका पूरा साथ दिया. इस बात से लड़की के मामा वैदेही बुरी तरह नाराज़ हो गए.

स्थानीय पत्रकार संजीव चौधऱी ने एक चश्मदीद के हवाले से बताया कि शनिवार को राजपूत धूप में बैठे थे जब वैदेही अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचे. दोनों पक्षों में थोड़ी कहासुनी हुई और फिर तीनों लोग अजय को बाहर खड़ी कार में ले गए. इस दौरान वैदेही लगातार अजय को जान से मार डालने की धमकी देते रहे. उन्हें इस बात की चिंता भी नहीं थी कि वहां जमा लोग इस पूरे घटनाक्रम को देख रहे हैं. उसके बाद उन्होंने अजय को गाड़ी के पीछे बांधा और घसीटते हुए वहां से ले गए.

गिरफ्तार वैदेही ने मीडिया को बताया कि, "उनलोगों ने मेरे खिलाफ़ पुलिस में शिकायत कर दी थी. मुझे जब पुलिस थाने में पेश होना ही था तो मैंने सोचा कि फ्री में क्यों पेश हुआ जाए. अजय मुझे दिख गया तो मैंने उसे कार में बांध कर घसीट दिया."

पुलिस ने बताया कि देवेंद्र सिंह वैदेही आपराधिक छवि वाले हैं और वो लंबे समय तक जेल की सज़ा भी काट चुके हैं. उन्होंने अपने ही परिवार के एक सदस्य को तेल डालकर ज़िंदा जला दिया था और पैरोल पर छूटने के बाद भी एक व्यक्ति की हत्या का प्रयास किया था.

इस घटना में बुरी तरह ज़ख्मी अजय का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वो ख़तरे से बाहर हैं लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.