'जेसिन्था की मौत आत्महत्या का मामला नहीं'

  • 12 दिसंबर 2012
Image caption भारतीय मूल की जेसिन्था सल्दान्हा किंग एडवर्ड अस्पताल में नर्स थीं

ब्रिटेन के किंग एडवर्ड अस्पताल की भारतीय मूल की नर्स जेसिन्था सल्दान्हा की कथित आत्महत्या पर उनके परिवार ने बिल्कुल चुप्पी साध रखी है. जेसिन्था के परिवार के लोग ब्रिटेन की मीडिया से बेहद नाराज़ हैं.

मैंगलोर के पास उडुपी के शिरवा की रहनेवाली जेसिन्था के परिजन इस पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से परहेज़ कर रहे हैं.

शिरवा में जेसिन्था के परिजनों ने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया.

लेकिन जेसिन्था के परिवार के एक दोस्त इवान डिसूज़ा ने कहा कि ब्रिटेन में जेसिन्था के साथ जो कुछ हुआ उससे वो बेहद दुखी हैं.

मौत के कारणों की जांच

इवान डिसूज़ा ने जेसिन्था के बारे में बताया कि वो बहुत अच्छी महिला थीं, बहुत मेधावी थीं और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति काफी गंभीर थीं.

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अगर उन्होंने खुदकुशी की है तो इसके पीछे ज़रूर कुछ और कारण है. मैं ये यक़ीन नहीं कर सकता कि अस्पताल में जो कुछ हुआ केवल उसी से दुखी होकर उन्होंने खुदकुशी जैसा क़दम उठा लिया. वो एक बहादुर लड़की थीं और किसी भी चुनौती का सामना कर सकती थीं. ऑस्ट्रेलिया के एफएम रेडियो स्टेशन ने जो फर्जीवाड़ा किया है, वही जेसिन्था की मौत के लिए जिम्मेदार है. हमें इस बात का पता लगाना है कि किस वजह से और किस प्रकार जेसिन्था ने खुदकुशी की. यही हमारे सामने मुख्य सवाल है."

Image caption जेसिन्था के निधन के बाद किंग एडवर्ड अस्पताल के उनके सहकर्मियों ने उनकी याद में नर्सों के कक्ष के बाहर ये गुलदस्ता रखा था.

इस बीच शिरवा के चर्च के मुख्य पादरी डेनिस मोरास प्रभु ने कहा कि भारत सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए ब्रिटेन की सरकार पर दबाव डालना चाहिए.

फादर डेनिस मोरास प्रभु ने ये भी कहा कि उन्होंने भारत के पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली से इस बारे में बात की है और मोइली ने उन्हें बताया है कि उन्होंने विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद से इस बारे में बात की है.

जेसिन्था की मौत

भारतीय मूल की नर्स जेसिन्था सल्दान्हा ब्रिटेन के शाही परिवार से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई रेडियो स्टेशन से किए गए फर्ज़ी फोन कॉल के तीन दिन बाद मृत पाई गई थीं.

ये फोन कॉल रेडियो स्टेशन के डीजे मेल ग्रेग और माइकल क्रिस्चियन ने महारानी एलिज़ाबेथ और प्रिंस चार्ल्स बनकर किए थे जिसमें उन्होंने किंग एडवर्ड अस्पताल में फोन कर केंब्रिज की राजकुमारी केड मिडल्टन की तबीयत की जानकारी हासिल की थी. राजकुमारी मिडल्टन गर्भावस्था की शुरुआती परेशानियों की वजह से उस समय अस्पताल में भर्ती थीं.

Image caption ऑस्ट्रेलियाई रेडियो स्टेशन 'टू डे एफएम' से अस्पताल में किया गया था फोन

ये फोन कॉल चार दिसंबर को सुबह साढ़े सात बजे किया गया था जबकि अस्पताल में कोई रिसेप्शनिस्ट मौजूद नहीं था.

ऐसे में नर्स जेसिन्था ने ही फोन उठाया था और फर्जी फोन करनेवाले प्रसारकों को राजकुमारी के स्वास्थ्य से जुड़ी सारी जानकारियां मुहैय्या करवा दी थीं.

इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलियाई रेडियो स्टेशन 'टू डे एफएम' इसके लिए जिम्मेदार प्रसारकों ग्रेग और माइकल को प्रसारण से हटा दिया था.

जेसिन्था की मौत की खबर मिलने के बाद इन प्रसारकों की मन:स्थिति भी ठीक नहीं है और वो बेहद दुखी बताए जा रहे हैं. उन्हें मनोवैज्ञानिक सलाह दी जा रही है.

ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि जेसिन्था का अंतिम संस्कार भारत में किया जाएगा लेकिन इस बारे में भी उनके मैंगलोर स्थित परिजनों ने बीबीसी संवाददाता को कोई जानकारी नहीं दी.

संबंधित समाचार