'मुसलमान आईबी चीफ़' के बयान पर विवाद

 मंगलवार, 11 दिसंबर, 2012 को 13:48 IST तक के समाचार

वडोदरा में सुशील कुमार शिंदे ने नए मुसलमान आई चीफ की नियुक्ति का श्रेय सोनिया गांधी को दिया.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने वडोदरा की एक चुनावी सभा में कह दिया कि यूपीए चेयरमैन सोनिया गांधी ही ऐसी शख्सियत हैं जो एक मुसलमान को देश के ख़ुफ़िया ब्यूरो का प्रमुख बना सकती हैं.

उनके इस बयान ने नरेंद्र मोदी कैंप को बैठे-बिठाए एक मुद्दा दे दिया है और खुद को धर्मनिरपेक्ष पार्टी कहने वाली कांग्रेस कथित रूप से एक सांप्रदायिक नियुक्ति के विवाद में फंसती हुई सी लगती है.

ग़ौरतलब है कि भारत के इतिहास में पहली बार 1977 बैच के आईपीएस अफ़सर एसए इब्राहिम को देश का अगला आईबी प्रमुख बनाया गया है.

उनकी नियुक्ति को लेकर तमाम बातें की जा रही हैं जिसमें सबसे अहम रही है उनकी क़ाबिलियत. उन्हें एक बेहद क़ाबिल और ईमानदार पुलिस अधिकारी माना जाता है और इसी बात का हवाला देते हुए सरकार ने उनसे चार वरिष्ठ अफसरों को नज़र अंदाज़ कर उन्हें खुफिया ब्यूरो का प्रमुख नियुक्त किया है.

लेकिन अब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने खुद ये कहकर कि मुसलमान इब्राहिम को ये पद मिला है, एक विवाद खड़ा कर दिया है जिससे इब्राहिम की काबिलियत वाली बात सवालों के घेरे में आ गई है.

गुजरात में कांग्रेस अपनी खोई ज़मीन वापस पाने की जद्दोजहद में लगी हुई है.

"अल्पसंख्यक समुदाय के तमाम सदस्य कई संगठनों के प्रमुख के पद पर हैं. लेकिन जब राष्ट्रीय नेता गुजरात जाते हैं तो अल्पसंख्यकों के साथ बुरे बर्ताव का मुद्दा उठाया जाता है. इसलिए शिंदे ने जो कुछ भी कहा वो किसी संदर्भ में है न कि पार्टी इसे चुनाव प्रचार का मुद्दा बनाना चाहती है"

पी सी चाको, कांग्रेस प्रवक्ता

लेकिन कथित रूप से सांप्रदायिक आधार पर वोटों के ध्रुवीकरण की कवायद में सुशील कुमार शिंदे ने शायद एक ऐसा बयान दे दिया है जिससे नए आईबी प्रमुख की नियुक्ति और उनकी काबिलियत वाली बात को मोदी कैंप के नेता भुनाने की कोशिश कर सकते हैं.

कांग्रेस का बचाव

हालांकि कांग्रेस ने शिंदे के बयान को संभालते हुए कहा है कि गृह मंत्री के बयान में कुछ भी ग़लत नहीं है.

पार्टी प्रवक्ता पीसी चाको ने शिंदे के बयान को सही ठहराते हुए कहा, "अल्पसंख्यक समुदाय के तमाम सदस्य कई संगठनों के प्रमुख के पद पर हैं. लेकिन जब राष्ट्रीय नेता गुजरात जाते हैं तो अल्पसंख्यकों के साथ बुरे बर्ताव का मुद्दा उठाया जाता है. इसलिए शिंदे ने जो कुछ भी कहा वो किसी संदर्भ में है न कि पार्टी इसे चुनाव प्रचार का मुद्दा बनाना चाहती है."

शिंदे ने वडोदरा में चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि आज़ादी के बाद से अब तक अनुसूचित जाति और मुस्लिम समुदाय का कोई भी व्यक्ति आईबी प्रमुख के पद तक नहीं पहुंचा है. लेकिन ये कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ही हैं जिन्होंने एक मुसलमान एस ए इब्राहिम को खुफिया ब्यूरो का प्रमुख बनाया.

उन्होंने खुद अपना उदाहरण देते हुए कहा कि एआईसीसी प्रमुख सोनिया गांधी ने ही दलित होने के बावजूद उन्हें देश का गृह मंत्री बनाया है.

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